बरेली : यूपी के बरेली में पिछले दिनों हुए बवाल के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन और बीडीए ने उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपी डॉ. नफीस के बरातघर रज़ा पैलेस पर शनिवार को जखीरा स्थित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया। डॉ. नफीस और उसके बेटे को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। उसकी मार्केट को बवाल के बाद सील किया गया था। बरातघर पर पहुंचे पुलिस और बीडीए अधिकारियों ने कार्रवाई की निगरानी की।
नेम प्लेट ने बढ़ाया कन्फ्यूजन
रज़ा पैलेस पर हैरानीजनक जानकारी
बरातघर के बाहर लगी नेम प्लेट पर मुतवल्ली का नाम शोएब बेग और उसके पिता स्व. अथहर बेग लिखा था। इसके अलावा, पिता के नाम के नीचे पूर्व पीसीएस अधिकारी भी अंकित था, जिससे अधिकारियों में हैरत देखी गई।
मौलाना तौकीर को पनाह देने वाले फरहत का मकान सील
बीडीए की टीम ने फाइक एन्कलेव में आरोपी फरहत का तीन मंजिला मकान सील कर दिया, जिन्होंने अपने घर में मौलाना तौकीर रजा को पनाह दी थी। फरहत की गिरफ्तारी हो चुकी है। पहले मकान खाली करने का नोटिस दिया गया था।
सैलानी में अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने सैलानी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। दुकानों और मकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य की निगरानी रही।
इंटरनेट सेवा बहाल, शहर में राहत
बरेली में 45 घंटे के बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। शहर के हालात को देखते हुए शासन के निर्देश पर गुरुवार दोपहर तीन बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई। शनिवार दोपहर करीब एक बजे इंटरनेट सेवा बहाल हुई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। इंटरनेट बंद होने से सरकारी कामकाज प्रभावित था। कार्यालयों में ओटीपी न मिलने के कारण कई जरूरी कार्य प्रभावित हुए। ई-वे बिल और व्यापार प्रभावित: फैक्टरियों में उत्पादन और माल के निर्यात में बाधा आई। रोडवेज एवं परिवहन: ई-टिकटिंग मशीन बंद, बसों का संचालन मैनुअल टिकटिंग से किया गया। राजस्व वसूली भी ठप थी
