बागपत : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब दिल्ली बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक टेंट व्यापारी की दुकान में घुसकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में टेंट व्यापारी सोहनलाल (60) और उनके इकलौते बेटे विकास (28) की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि एक राहगीर भी घायल हो गया। घटना के पीछे करीब 10 साल पुरानी रंजिश बताई जा रही है। वारदात के बाद लोगों ने मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड क्षेत्र में सोहनलाल की टेंट और कन्फेक्शनरी की दुकान है। मंगलवार शाम करीब 5:50 बजे सोहनलाल अपने बेटे विकास के साथ दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर पांच से छह बदमाश वहां पहुंचे। बदमाश सीधे दुकान के अंदर घुस गए और सोहनलाल पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोलियां लगते ही सोहनलाल दुकान के अंदर ही गिर पड़े और उनकी मौके पर मौत हो गई। पिता पर हमला होते देख बेटा विकास बचाने के लिए आगे आया, लेकिन बदमाशों ने उसे भी निशाना बनाते हुए गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल विकास को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। फायरिंग के दौरान वहां से गुजर रहे बाइक सवार रोहित निवासी पट्टी चौधरान भी गोली लगने से घायल हो गए।
घटना के बाद आसपास के व्यापारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बदमाशों का पीछा किया और हाथापाई करते हुए उनके हथियार छीन लिए। इसी दौरान मुख्य आरोपी वरुण लुहारी लोगों के हत्थे चढ़ गया। गुस्साए लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उसे भीड़ से छुड़ाया और अस्पताल भेजा, लेकिन मेरठ मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस दोहरे हत्याकांड की जड़ें करीब 10 साल पुरानी रंजिश से जुड़ी हैं। वर्ष 2016 में हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने एक शराब ठेका संचालक से रंगदारी मांगी थी। विरोध होने पर उसने सेल्समैन के साथ मारपीट की थी। इसी दौरान वह सोहनलाल की दुकान पर पहुंचा था, जहां किसी बात को लेकर विवाद होने पर उसने विकास के साथ भी मारपीट की थी। इन मामलों में पुलिस ने वरुण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल से जमानत पर छूटने के बाद जुलाई 2016 में वरुण अपने भाई कपिल और साथियों के साथ सोहनलाल पर हमला करने पहुंचा था। उस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में वरुण के भाई कपिल की मौत हो गई थी। तभी से वरुण अपने भाई की मौत का बदला लेने की फिराक में था। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद वह अपना गांव छोड़कर हरिद्वार में रहने लगा था।
मंगलवार को वरुण किसी मुकदमे की तारीख पर हरिद्वार से बागपत आया था। पुलिस के अनुसार उसने पहले से योजना बनाकर अपने साथियों को बुलाया और फिर सीधे सोहनलाल की दुकान पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई है। फुटेज के मुताबिक शाम 5 बजकर 50 मिनट 30 सेकंड पर वरुण अपने एक साथी के साथ दुकान में दाखिल हुआ और आते ही सोहनलाल पर फायरिंग शुरू कर दी। कुछ ही सेकंड बाद विकास भी हमले का शिकार हो गया। करीब 25 सेकंड के भीतर बदमाशों ने छह से अधिक राउंड फायरिंग कर पूरी वारदात को अंजाम दिया और बाहर निकल गए।
मृतक सोहनलाल के भाई राजेश ने पुलिस को तहरीर देकर वरुण लुहारी, उसके भाई तरुण, पिता बाबूराम, मोंटी, गोलू समेत अन्य अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और बड़ौत समेत कई थानों की पुलिस को लगाया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
