विजयदशमी पर सपा प्रमुख की कार्यकर्ताओं से बूथों पर निगरानी रखने की अपील की, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया, हाईटेक प्रचार रथ रवाना, 22 को पूर्व मंत्री आजम खां से मुलाकात
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आगामी चुनाव को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ही देश को बचाएगा और समाजवादियों को यह जिम्मेदारी निभानी होगी। अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर 2026 को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 24 अक्टूबर को अपने-अपने बूथ पर सक्रिय रहने और मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा नाम काटे जाने की प्रक्रिया पर नजर रखने की अपील भी की। इस बीच, सपा ने महाराजगंज की सिसवा विधानसभा सीट के लिए हाईटेक एलईडी वैन और प्रचार रथ रवाना किए। पार्टी ने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।वहीं, बैंकिंग व्यवस्था और ग्राहकों की समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया पर साझा किए गए सवालों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा गया।
2027 का चुनाव लोकतंत्र बचाने का चुनाव : अखिलेश यादव
सपा के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह पर्व अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बुराई को अच्छाई से हराने का संकल्प लेकर उत्तर प्रदेश से इसकी शुरुआत की जाएगी।अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता समाजवादी पार्टी के साथ है और 2027 में भाजपा की सरकार को हटाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर समाज के सभी वर्गों को न्याय, अधिकार और सम्मान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अपराध और अन्याय को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे पूरे करने में विफल रही है। उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने, युवाओं को रोजगार देने और प्रदेश में निवेश लाने के वादों का उल्लेख करते हुए पूछा कि इनका लाभ जनता तक कितना पहुंचा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में श्रमिकों का पलायन बढ़ रहा है और भाजपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है। ये आरोप समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में लगाए।
26 नवंबर को जारी होगा सपा का घोषणा पत्र
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच घोषणा की कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर 2026 को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरेगी। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी पार्टी समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय, अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए काम करेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने और संगठन को मजबूत बनाने की अपील की। घोषणा पत्र में किन योजनाओं, नीतियों और चुनावी वादों को शामिल किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं कराई गई है।
वोटर लिस्ट और बूथों पर गड़बड़ी का आरोप
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर भाजपा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में बूथ स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से जिन कथित अनियमितताओं की शिकायत की गई, उन पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर 2026 को सभी नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने बूथ पर मौजूद रहकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और नाम काटे जाने की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखें। अखिलेश यादव ने बूथ स्तर पर निगरानी को जरूरी बताते हुए कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी और चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों का बचाव करने का आरोप भी लगाया।
PDA और संविधान बचाने का संकल्प
सपा अध्यक्ष ने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीडीए ने संविधान की रक्षा की है और आगे भी लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएगा। अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरक्षण को कमजोर करने और समाज में नफरत फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इन मुद्दों पर जनता को जागरूक करने और एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ऐसा व्यवहार करना चाहिए, जिससे किसी को पीड़ा न पहुंचे, कोई दुखी न हो और किसी का अपमान न किया जाए। अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी को कानून के राज के साथ सामाजिक न्याय की स्थापना का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने समाज में आपसी सम्मान और अपनापन बनाए रखने पर जोर दिया।
सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े तिहाड़ जेल में बंद आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जेल में बंद छात्रों को रिहा किया जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने उनकी हिरासत को अनावश्यक बताते हुए उनकी रिहाई की मांग उठाई। यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो संदेश में दिवाली तक विरोध प्रदर्शन नहीं करने की अपील की है। दीपके ने भी अपने संदेश में सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र किया था।
आजम खान से मिलने 22 अक्टूबर को रामपुर पहुंचेंगे अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से मुलाकात करेंगे। अखिलेश आजम खान के परिवार से भी मिलेंगे। उनके कार्यक्रम में बरेली एयरपोर्ट पर करीब 10 मिनट का ठहराव शामिल है। पिछले दिनों जौहर यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर आजम खान, जौहर ट्रस्ट और अन्य के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर नई FIR दर्ज की गई है। जांच एजेंसी ने यूनिवर्सिटी के निर्माण पर खर्च के ब्योरे में 416.14 करोड़ रुपये के अंतर का आरोप लगाया है।
सिसवा विधानसभा के लिए हाईटेक प्रचार रथ रवाना
समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत महाराजगंज जिले की 317 सिसवा विधानसभा सीट के लिए तैयार हाईटेक एलईडी वैन और प्रचार रथों को मंगलवार को रवाना किया। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव ने नारियल फोड़कर प्रचार वाहनों का शुभारंभ किया और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और शंख ध्वनि के साथ हुई। पूजा का आयोजन मनोज टिबड़ेवाल ने संपन्न कराया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, सिसवा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल, सुनील सिंह, राजेश यादव, शमसुद्दीन अली और महातम यादव सहित अन्य नेता मौजूद रहे। पार्टी ने इन वाहनों को चुनाव प्रचार के मॉडल के तौर पर तैयार किया है। इनके माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का प्रचार किए जाने की तैयारी है।
शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने अखिलेश यादव के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित कराने की मांग की है। सपा के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भाजपा प्रत्याशी हरी किशोर तिवारी के समर्थक माने जाने वाले इंजीनियरों को 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान में पीठासीन अधिकारी बनाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे मतदान की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन में संबंधित पीठासीन अधिकारियों को हटाकर निष्पक्ष और गैर-विवादित अधिकारियों की नियुक्ति करने, मतदान प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने तथा संवेदनशील मतदान केंद्रों पर स्वतंत्र केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग की गई है। सपा ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारियों पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने के लिए विद्यालय प्रबंधकों और शिक्षकों पर अनुचित दबाव डालने के आरोप भी हैं। पार्टी ने बलिया के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की मांग की है।
बैंकिंग व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी की ओर से साझा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में बैंकिंग व्यवस्था और ग्राहकों की समस्याओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत किए जाने के दावों के संदर्भ में पूछा गया है कि यदि बैंक मजबूत हुए हैं, तो आम ग्राहकों को अब भी कई तरह की परेशानियों का सामना क्यों करना पड़ रहा है। पोस्ट में बैंक शाखाओं और एटीएम की उपलब्धता, गरीबों के खातों से कटने वाले शुल्क, केवाईसी के नाम पर होने वाली दिक्कतों और बैंकों से कर्ज लेकर विदेश भागने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। इसके अलावा किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को कर्ज मिलने में आने वाली कठिनाइयों, साइबर ठगी के पीड़ितों को पैसा वापस मिलने में देरी और होम लोन तथा शिक्षा ऋण की ब्याज दरों को लेकर भी सवाल किए गए हैं। पोस्ट में डिजिटल लेनदेन विफल होने पर पैसा अटकने, क्रेडिट स्कोर की छोटी गलतियों से युवाओं को होने वाले नुकसान, बुजुर्गों के लिए डिजिटल बैंकिंग सहायता और बैंक कर्मचारियों की भर्ती तथा काम के दबाव जैसे विषय भी शामिल हैं। इस सवालों की श्रृंखला में कुल 12 बिंदु रखे गए हैं। पोस्ट के अंत में वित्तीय सेवा विभाग को टैग किया गया है।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
