संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाए शशि थरूर, सपा प्रमुख ने हाथ थामकर दिया सहारा, वीडियो में दिखी मानवीय संवेदना
नई दिल्ली/ लखनऊ : संसद परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर संसद की सीढ़ियों पर अचानक संतुलन खोते नजर आते हैं। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पास खड़े होकर तुरंत उन्हें संभालते हुए दिखाई देते हैं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शशि थरूर फोन पर बातचीत करते हुए संसद भवन की सीढ़ियों से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे लड़खड़ा गए। तभी आसपास मौजूद सांसदों और सुरक्षाकर्मियों के बीच से अखिलेश यादव आगे बढ़े और उन्हें गिरने से बचा लिया। इस घटना के बाद शशि थरूर खुद को संभालते हुए सामान्य स्थिति में नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अखिलेश यादव के इस व्यवहार को मानवीय संवेदना और राजनीतिक शिष्टाचार की मिसाल बता रहे हैं। कई यूजर्स इसे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग का प्रतीक बता रहे हैं।
‘ये डील नहीं, ढील है’-अमेरिका से समझौते पर अखिलेश यादव का हमला
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा जिस समझौते को ऐतिहासिक डील बता रही है, वह असल में देश के हितों के साथ की गई ‘ढील’ है। अखिलेश यादव ने कहा कि भारत की लगभग 70 प्रतिशत आबादी किसान और गरीब वर्ग पर निर्भर है। अगर कृषि और डेयरी से जुड़े क्षेत्रों को बाजार के हवाले कर दिया गया, तो देश की खेती कैसे बचेगी। उन्होंने सरकार पर सदन में गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भविष्य में इन दावों की सच्चाई सामने आएगी और तब जवाबदेही तय होगी।
“यह व्यापार नहीं, समर्पण है”
सपा प्रमुख ने बेहद सख्त शब्दों में कहा कि यह कोई व्यापारिक समझौता नहीं बल्कि समर्पण जैसा है। उन्होंने कहा,“लोगों को ऐसा लग रहा है, मानो भारत से 500 अरब डॉलर की रंगदारी वसूली जा रही हो।”उन्होंने सवाल उठाया कि जब समझौते की शर्तें अब तक पूरी तरह तय और हस्ताक्षरित नहीं हैं, तो भाजपा पहले से जीत का ढोल कैसे पीट रही है।
चीन, चुनाव आयोग और लोकतंत्र पर भी उठाए सवाल
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा बेहद गंभीर है, लेकिन जब नेता प्रतिपक्ष और अन्य दलों ने जानकारी मांगनी चाही, तो भाजपा पीछे हट गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने ममता बनर्जी के विरोध को लेकर कहा कि काला कोट पहनना व्यक्तिगत अधिकार और मताधिकार की रक्षा का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा के नेताओं ने हमेशा चीन को सबसे बड़ा खतरा माना है और आज सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
कैंसर से बचाव इलाज से आसान, नशे पर सख्त अभियान चलाए सरकार: अखिलेश यादव
कैंसर दिवस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कैंसर गंभीर और महंगी बीमारी है, लेकिन समय पर इलाज से इसे हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में कैंसर सहित गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज किया गया और लखनऊ में कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना हुई थी, जिसे भाजपा सरकार ने बदहाल कर दिया।अखिलेश यादव ने बताया कि प्रदेश में पुरुषों में होने वाले करीब 54 प्रतिशत कैंसर नशे की वजह से हैं। उन्होंने सरकार से नशे के खिलाफ सख्त और व्यापक अभियान चलाने, कैंसर की दवाओं को टैक्स फ्री करने और गरीबों को मुफ्त इलाज देने की मांग की। साथ ही ‘तम्बाकू से तौबा’ और ‘नशे का नाश’ जैसे जागरूकता अभियानों पर जोर दिया।
CBI जांच व सुप्रीम कोर्ट निगरानी की मांग, 8 फरवरी को देहरादून में महापंचायत
सपा उत्तराखंड के प्रदेश कार्यालय, परेड ग्राउंड में इंडिया गठबंधन और विभिन्न जनसंगठनों की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और साक्ष्य मिटाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में 8 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे परेड ग्राउंड देहरादून में होने वाली महापंचायत की रूपरेखा तय की गई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सत्य नारायण सचान के संयोजन में हुई इस बैठक में कांग्रेस, वाम दलों और सामाजिक संगठनों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के बाद उत्तराखंड की जनता से अपील की गई कि वह महापंचायत में पहुंचकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई को मजबूती दे।
