बरेली: जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के सम्भाजन (Re-organisation) को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी को निर्वाचन आयोग के निर्देशों, नई व्यवस्थाओं और बदलावों की पूरी जानकारी दी गई।

1200 से अधिक मतदाताओं वाले केंद्र विभाजित, नए मतदेय स्थल बनाए गए
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के तहत मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उन मतदेय स्थलों को विभाजित किया गया है जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी। जरूरत पड़ने पर नए मतदेय केंद्र भी बनाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिवार को अलग-अलग मतदान केंद्रों में नहीं बांटा गया है। सभी सदस्यों के नाम एक ही सेक्शन और एक ही स्थल पर रखे गए हैं, ताकि मतदाता सुविधा बनी रहे और उन्हें दो किलोमीटर से अधिक दूरी न तय करनी पड़े।
10 नवंबर को प्रकाशित हुई थी संशोधित सूची
बैठक में बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार मतदेय स्थलों का आलेख्य (ड्राफ्ट) 10 नवंबर 2025 को प्रकाशित किया जा चुका है। यह सूची सभी माननीय सांसदों, विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई थी। साथ ही आयोग ने 18 नवंबर 2025 तक आपत्तियाँ और सुझाव जिला निर्वाचन कार्यालय या संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा कराने के लिए कहा था।

परिवार न टूटे, मतदाताओं की संख्या संतुलित रहे—मुख्य मापदंड
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संभाजन की पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के इस सिद्धांत पर आधारित है कि एक ही पोलिंग लोकेशन पर सभी मतदेय स्थलों में मतदाताओं की संख्या संतुलित रहे, किसी भी परिवार को अलग-अलग केंद्रों में न बांटा जाए, और परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक ही अनुभाग में एक ही स्थान पर दर्ज किए जाएँ, ताकि मतदान प्रक्रिया सुगम, व्यवस्थित और पारदर्शी बनी रहे।
सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार सहित राजनीतिक दलों ने रखे अपने सुझाव
बैठक में बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, अपर जिलाधिकारी (वि/रा)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह, सभी निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और शिकायतें बैठक में प्रस्तुत कीं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्राप्त सुझावों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
