सऊदी अरब : मुहरास/मुफ़रिहात क्षेत्र में सोमवार, 17 नवंबर की तड़के एक भयावह सड़क दुर्घटना ने भारत के कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। मक्का से मदीना जा रही उमरा यात्रियों की भारतीय बस एक डीज़ल टैंकर से भीषण टक्कर के बाद आग की लपटों में घिर गई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 42 भारतीयों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों में हैदराबाद के कई यात्री शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यह दुर्घटना भारतीय समयानुसार करीब 1:30 बजे रात हुई। बस मक्का से लगभग 160 किलोमीटर दूर पहुंची ही थी कि सामने से आ रहे डीज़ल टैंकर से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तीव्र थी कि बस कुछ ही सेकंड में भयानक आग की चपेट में आ गई। हादसे के वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे, ऐसे में उनका बाहर निकल पाना संभव नहीं हो सका। बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिससे मृतकों की पहचान बेहद कठिन हो गई है। सऊदी सिविल डिफेंस, पुलिस और स्थानीय बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि बस में केवल एक यात्री जीवित मिला है, लेकिन उसकी हालत को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इधर भारत में, तेलंगाना सरकार भी पूरी तरह से एक्टिव हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में हादसे पर गहरा दुख जताया गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और DGP को तुरंत हादसे से जुड़ी हर संभव जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि इस दुर्घटना में कितने यात्री हैदराबाद या तेलंगाना के निवासी थे। विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब के दूतावास से संपर्क करने का आदेश दिया गया है ताकि आधिकारिक विवरण मिल सके। इसके साथ ही सचिवालय में एक कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पीड़ित परिवारों को लगातार जानकारी दी जा सके और आवश्यक मदद पहुंचाई जा सके।
यह हादसा सिर्फ़ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के लिए एक गहरा सदमा है। उमराह की पवित्र यात्रा पर निकले ये यात्री शायद कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि उनका सफर इस तरह भयावह अंत लेगा। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी हादसे पर अफसोस जताया, और घायलों का इलाज कर राहत कार्य शीघ्र पहुंचाने की बात कही। भारतीय विदेश मंत्रालय से तत्काल मदद कराने की मांग। उधर, भारत के साथ साथ दुनिया भर में हादसे पर अफसोस जताकर इंतकाल होने वालों की मगफिरत की दुआएं की जा रही हैं।
हैदराबाद में मातम का माहौल

हैदराबाद के कई परिवार इस दर्दनाक हादसे की खबर सुनकर सदमे में हैं। परिजन लगातार: ट्रैवल एजेंसियों, राहत टीमों, सरकारी अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पहचान प्रक्रिया पूरी न होने के कारण स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।
राहत और जांच जारी
दुर्घटना के बाद सऊदी प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है। भारत का दूतावास और भारतीय उमरा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। दोनों देशों की एजेंसियां मृतकों की पहचान घायलों की स्थिति शवों को भारत भेजने की प्रक्रिया को लेकर समन्वय कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 11 महिलाएं और 10 बच्चे भी इस हादसे में जान गंवा चुके हो सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि अंतिम आंकड़ा पूरी पहचान के बाद ही जारी किया जाएगा।
पवित्र यात्रा में घिरा सन्नाटा
उमरा की पवित्र रस्में पूरी करने के बाद मदीना जा रहे इन भारतीय यात्रियों के लिए यह यात्रा महज कुछ पलों में एक भयावह त्रासदी में बदल गई। दर्जनों ज़िंदगियां इस हादसे में हमेशा के लिए बुझ गईं और कई परिवारों पर शोक और अनिश्चितता का पहाड़ टूट पड़ा है।
