रामगंगा महोत्सव आज: 11 हजार दीपों से जगमगाएगा घाट, होगी भव्य आरती और भजन संध्या
बरेली : कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को रामगंगा चौबारी मेला आस्था और श्रद्धा के रंग में डूब गया। मध्य रात्रि से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। हर -हर गंगे और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। तड़के से शुरू हुआ गंगा स्नान सूर्योदय तक लगातार चलता रहा। लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। स्नान के बाद दान-पुण्य, दीपदान और धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रही।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतज़ाम
भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस, पीएसी और गोताखोरों की तैनाती। अफसरों ने मौके पर रहकर लिया जायजा लिया। इस दौरान एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ प्रथम आशुतोष शिवम, सीओ द्वितीय सोलानी मिश्रा
तंबुओं का शहर बना चौबारी
रामगंगा तट पर बसा चौबारी मेला एक बार फिर विशाल अस्थायी नगर में बदल गया है। मंगलवार रात से ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों से श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचने लगे।चांदनी रात में मेला परिसर रंगीन रोशनी से जगमगा उठा। सुबह होते-होते घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। बदायूं मार्ग पर 9:30 बजे के बाद भारी जाम लगा।खाने-पीने से लेकर कपड़े, खिलौने, सजावटी और घरेलू सामान की दुकानों पर रौनक रही।
नखासा में इस बार पंजाब के घोड़े ने मारी बाज़ी
मेले के प्रसिद्ध नखासे में 20,000 से 4 लाख तक कीमत वाले घोड़े पहुंचे।मंगलवार को 15 घोड़े बिके, जिनमें पंजाब से आया 80,000 रुपये का घोड़ा सबसे महंगा रहा।
रामगंगा की भव्य आरती और स्वच्छता का संकल्प
मंगलवार शाम घाट पर भव्य गंगा आरती आयोजित की गई। आरती में प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी चंद्रेश कुमार मुख्य अतिथि रहे। आरती के बाद सभी ने नदी की स्वच्छता और संरक्षण की शपथ ली।।तीन दिवसीय रामगंगा महोत्सव के तहत बुधवार शाम 11,000 दीप जलाए गए। कार्यक्रम का आयोजन
मां गंगा बचाओ वेलफेयर सोसाइटी एवं अन्य संगठनों द्वारा किया गया।
