पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- सलखन जीवाश्म पार्क को विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी सूची में लाने को भारत सरकार गंभीर
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सोनभद्र जिले के सलखन जीवाश्म पार्क को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की स्थायी सूची में शामिल कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पर्यटन विभाग लंबे समय से इस दिशा में कार्य कर रहा है, और अब केंद्र सरकार के स्तर पर भी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक कार्यवाही जारी है। सलखन जीवाश्म पार्क कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य के पास 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण जीवाश्म संरक्षण स्थलों में गिना जाता है।
क्यों खास है सलखन जीवाश्म पार्क? 140 करोड़ साल पुरानी पृथ्वी की कहानी
मंत्री ने बताया कि इस पार्क में करीब 1.4 अरब (140 करोड़ वर्ष) पुराने स्ट्रोमैटोलाइट्स जीवाश्म सुरक्षित हैं।
ये जीवाश्म साइनोबैक्टीरिया द्वारा निर्मित पुरानी चट्टानों में बने प्राचीन अवसादी संरचनाएं हैं, जो पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत का वैज्ञानिक प्रमाण मानी जाती हैं। अमेरिका Yellowstone National Park 500 मिलियन वर्ष (50 करोड़ वर्ष) कनाडा- Mistaken Point लगभग 560 मिलियन वर्ष भारत- सलखन जीवाश्म पार्क 1.4 अरब वर्ष (140 करोड़ वर्ष) यानि सलखन के जीवाश्म अमेरिका और कनाडा से भी लगभग 3 गुना पुराने हैं।
वैज्ञानिक और ऐतिहासिक महत्व
पृथ्वी के प्री-कैम्ब्रियन युग का महत्वपूर्ण भू-प्रमाण हैं। शुरुआती जीव-अवशेषों के विकास को दर्शाता है। ऑक्सीजन और प्रकाश संश्लेषण की आरंभिक प्रक्रिया का अध्ययन संभव है।।अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भू-विरासत श्रेणी में अनोखा स्थान
पर्यटन और स्थानीय विकास पर प्रभाव
यदि सलखन जीवाश्म पार्क यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल होता है तो वैश्विक पहचान बढ़ेगी। देश और विदेश से वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का आगमन बढ़ेगा। पर्यटन और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी होगी
केंद्र सरकार की सहमति
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सितंबर 2025 में उन्होंने इस प्रस्ताव को लेकर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को पत्र लिखा था। केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है कि भारत सरकार इसको विश्व धरोहर सूची में लाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके साथ ही वाराणसी के सारनाथ को भी यूनेस्को सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया है। मंत्री बोले -“सलखन जीवाश्म पार्क भारत की प्राचीनतम प्राकृतिक धरोहर है। इसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।”
