एसपी चीफ ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने का दिया सुझाव, बोले- वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर नागरिकता और सुविधाओं को लेकर पैदा हो सकता है खतरा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत तेज हो गई है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भाजपा तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 और फॉर्म-7 में बदलाव का उद्देश्य फर्जी वोट बढ़ाना है।उन्होंने सुझाव दिया कि जब देश के नागरिकों के आधार कार्ड बन चुके हैं तो मतदाता सूची को आधार से जोड़ा जाना चाहिए।अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर लोगों के सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि SIR के बाद मतदाता सूची से नाम कटने पर नागरिकता और सरकारी सुविधाओं को लेकर भी खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे।

भाजपा पर वोट चोरी और चुनावी षड्यंत्र का आरोप
समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय,पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठे प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और कई अन्य दल भी सपा के खिलाफ षड्यंत्र में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को प्रभावित किया है। किसान, नौजवान, व्यापारी और छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अखिलेश ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी।

हर विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने की अपील की। साथ ही कहा कि बूथ स्तर पर पीडीए प्रहरी सतर्क रहें, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR के बाद केंद्रीय बलों की तैनाती और विधानसभा चुनाव में कथित धांधली का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस कथित आंकड़े पर भी सवाल उठाया, जिसमें SIR के दौरान 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के वोट कटने की बात कही गई थी अखिलेश ने पूछा कि यह आंकड़ा मुख्यमंत्री को कहां से मिला और क्या चुनाव आयोग मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ डाटा साझा कर रहा है।
कार्यकर्ताओं को दिया शिष्टाचार और एकजुटता का संदेश
सपा अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने तथा सभी के साथ अच्छा और शिष्ट व्यवहार करने को कहा। उन्होंने भाजपा के उकसावे की राजनीति में नहीं आने की सलाह देते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के सुख-दुख में शामिल रहने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पार्टी का लक्ष्य सरकार बनाकर प्रदेश की व्यवस्था में सुधार करना और उत्तर प्रदेश को विकास तथा रोजगार के रास्ते पर आगे ले जाना है।
