प्रेमनगर के मौलानगर में पार्क के लिए आरक्षित करीब 500 वर्गगज जमीन पर निर्माण का आरोप, महामंडलेश्वर संजीव गौड़ के संरक्षण में संचालित है गौशाला
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में मौलानगर स्थित कामधेनु गौशाला पर गुरुवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर चल गया। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू कर दी। गौशाला को लेकर पहले भी प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की गई थी, लेकिन विरोध के चलते अभियान बीच में रोकना पड़ा था। अब दोबारा बुलडोजर पहुंचने से इलाके में हलचल मच गई है।
पहले भी हो चुकी है ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर में स्थित कामधेनु गौशाला महामंडलेश्वर संजीव गौड़ के संरक्षण में संचालित बताई जाती है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि पार्क के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया गया है। शिकायत के बाद BDA ने मामले की जांच कराई थी। प्राधिकरण के अनुसार, करीब 500 वर्गगज जमीन पर हुए निर्माण के खिलाफ न्यायालय और प्राधिकरण के आदेशों के तहत कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले 24 जुलाई को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। इसके बाद 28 जुलाई को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया था। उस दौरान विरोध और अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई थी।
भारी पुलिस बल के बीच दोबारा शुरू हुआ अभियान
गुरुवार सुबह BDA की टीम बुलडोजर लेकर मौलानगर पहुंची और निर्माण ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पिछली कार्रवाई के दौरान हुए विरोध को देखते हुए इस बार भी प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
पार्क की जमीन को लेकर शुरू हुआ था विवाद
स्थानीय लोगों का आरोप था कि जिस जमीन पर सार्वजनिक पार्क होना चाहिए था, वहां गौशाला का निर्माण कर दिया गया। इससे कॉलोनी के बच्चों के खेलने और लोगों के टहलने की जगह प्रभावित हो रही थी। इसी शिकायत के बाद मामला BDA तक पहुंचा और जांच के बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। गुरुवार को दोबारा बुलडोजर चलने के बाद इलाके में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
