अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़ समेत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा मतदाता सूची का पुनरीक्षण, 21 जनवरी 2027 को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का आदेश जारी किया है। इसके लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा। आयोग ने पुनरीक्षण की पूरी समय-सारिणी भी जारी कर दी है। इसके अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी।
इन छह राज्यों में होगा मतदाता सूची का पुनरीक्षण
निर्वाचन आयोग के अनुसार, SSR की प्रक्रिया अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में आयोजित की जाएगी। इस प्रक्रिया में 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इसके अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम रूप से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इन राज्यों में बाद में घोषित होगा SSR का कार्यक्रम
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या पूरी हो चुकी है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए SSR की तारीखें बाद में तय की जाएंगी।
जानिए SSR का पूरा शेड्यूल
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
-
20 नवंबर 2026: पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण पूरा होगा।
-
30 नवंबर 2026: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन।
-
30 नवंबर से 30 दिसंबर 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
-
21 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, ट्रांसफर पर भी रोक
SSR की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत मतदाता सूची तैयार करने में लगे अधिकारियों को निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। आयोग ने मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पद खाली न रहें। SSR के दौरान आयोग की अनुमति के बिना संबंधित अधिकारियों का तबादला भी नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा ERO की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से छूटे नहीं और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न रहे।
