बेमिना के दुर्बल इलाके में आधी रात लगी आग ने पूरी बस्ती को लिया चपेट में, मृतकों में 16 साल का किशोर भी शामिल, कई दमकल केंद्रों की टीमों ने चलाया बचाव अभियान
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बेमिना इलाके के दुर्बल में 3 और 4 नवंबर की दरमियानी रात भीषण अग्निकांड से हड़कंप मच गया। आधी रात के करीब लगी आग ने देखते ही देखते पूरी झुग्गी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 80 अस्थायी झुग्गियां जलकर राख हो गईं। मृतकों की पहचान 27 वर्षीय मोहम्मद नूर आलम और 16 वर्षीय अल अमीन के रूप में हुई है। दोनों स्थानीय स्तर पर कबाड़ बीनने का काम करते थे। लकड़ी और तिरपाल से बनी झुग्गियों में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई। आग लगने की सूचना रात करीब 12:23 बजे सामने आई। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि आपातकालीन सेवाओं के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही बड़ी संख्या में झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं।
आधी रात लगी आग, देखते ही देखते राख हुईं 80 झुग्गियां
जानकारी के मुताबिक, 3 और 4 नवंबर की दरमियानी रात करीब 12:23 बजे दुर्बल इलाके में आग भड़क उठी। बस्ती में लकड़ी और तिरपाल से बनी अस्थायी झुग्गियां एक-दूसरे के बेहद करीब थीं। इनमें मौजूद ज्वलनशील सामग्री के चलते आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते करीब 80 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। आग के पास स्थित एक खाली पोल्ट्री फार्म भी भीषण गर्मी और लपटों की वजह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कई दमकल केंद्रों की टीमों ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही जेवीसी और रावलपोरा फायर स्टेशनों की दमकल टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए बटामालू स्थित फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज मुख्यालय से भी अतिरिक्त मदद भेजी गई। श्रीनगर के डिप्टी डायरेक्टर कमांड एवं मोबिलाइजिंग ऑफिसर एजाज अहमद शाह, डीएफओ सिटी और डीएफओ मुख्यालय के समन्वय में कई दमकल केंद्रों की टीमों ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इसके बाद मलबे में तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया।
मलबे में मिले दो शव, मृतकों में 16 साल का किशोर भी शामिल
आग बुझने के बाद खोज और बचाव दल ने मलबे के नीचे तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दो जले हुए शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान 27 वर्षीय मोहम्मद नूर आलम के रूप में हुई, जो अब्दल वहाब के पुत्र थे और मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले थे। वह वर्तमान में दुर्बल इलाके में रह रहे थे। दूसरे मृतक की पहचान 16 वर्षीय अल अमीन के रूप में हुई, जो मोहम्मद रफी के पुत्र थे। वह भी मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले थे और फिलहाल कुपवाड़ा में रह रहे थे। दोनों ही स्थानीय स्तर पर कबाड़ बीनकर अपना गुजर-बसर करते थे।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे दोनों शव
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की प्रक्रिया और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद कानूनी औपचारिकताओं के लिए दोनों शव स्थानीय पुलिस को सौंप दिए गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। अधिकारियों ने अग्निकांड के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने की वजह और उससे हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
अक्टूबर में जम्मू की शिवा मार्केट में भी लगी थी भीषण आग
जम्मू-कश्मीर में आग लगने की घटनाओं ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले अक्टूबर में जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शिवा मार्केट में भी भीषण आग लगी थी। उस हादसे में करीब 35 से 40 दुकानें जलकर खाक हो गई थीं, जबकि एक होटल को भी भारी नुकसान पहुंचा था। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने घनी आबादी वाले इलाकों और अस्थायी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
