चार जिलों की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की, चुनाव सेल गठन, शस्त्र जमा कराने, लंबित वारंटों की तामीला और महिला अपराधों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
बरेली : आगामी चुनाव की तैयारियों, अपराध नियंत्रण और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी ने गुरुवार को बरेली परिक्षेत्र के चारों जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें चुनावी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी तेज करने और आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही के मामलों में पीलीभीत और शाहजहांपुर के पांच थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच कराने तथा जलालाबाद के क्षेत्राधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए गए।
पांच थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के निर्देश
बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही सामने आने पर पीलीभीत के सुनगढ़ी और माधोटांडा तथा शाहजहांपुर के जलालाबाद, कलान और तिलहर थाना प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी जलालाबाद से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने आगामी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समय रहते व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करने और सभी जिलों में चुनाव सेल गठित करने को कहा। मतदान और मतगणना स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ पुलिस तथा पैरामिलिट्री फोर्स के ठहरने की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय सीमाओं पर पुलिस बल की तैनाती, शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई और लंबित गैर-जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीला कराने पर जोर दिया, ताकि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी तरह की परेशानी न हो।
हत्या, लूट और महिला अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
अपराध नियंत्रण की समीक्षा के दौरान डीआईजी ने हत्या,लूट, डकैती, वाहन चोरी, महिला अपराध और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने वांछित और इनामी अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और गैंगस्टर तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई पर भी विशेष जोर दिया गया।
साइबर अपराध और डिजिटल पुलिसिंग की भी समीक्षा
बैठक में पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) पर लंबित विवेचनाओं का निस्तारण करने, ई-साक्ष्य ऐप का अधिकाधिक उपयोग करने और ई-समन की समय से तामीला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यक्ष ऐप पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग पूरी कराने को भी कहा गया।
महिला सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर
डीआईजी ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत महिला सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों और साइबर अपराध नियंत्रण की समीक्षा की। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से संबंधित अभियानों की नियमित निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
आगामी त्योहारों और चुनावी माहौल को देखते हुए सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों तथा भ्रामक सूचनाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि गलत सूचनाओं का तत्काल खंडन किया जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने दी जाए। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री और पटाखों की दुकानों की नियमानुसार सघन जांच कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया।
चार जिलों के पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में बरेली और बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में चुनावी तैयारियों,अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के निस्तारण, महिला सुरक्षा और पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। डीआईजी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी तरह की लापरवाही न बरतें।
