कोहरे और धुंध में हादसों का खतरा कम करने की तैयारी, कारों से लेकर बसों और भारी वाहनों तक के लिए दिन-रात अलग-अलग गति सीमा निर्धारित
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान कोहरे, स्मॉग और धुंध के कारण सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए प्रमुख एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा घटाने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यूपीडा के अंतर्गत आने वाले आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे पर 1 नवंबर से 15 फरवरी तक नई गति सीमा लागू रहेगी। हल्के वाहनों, यात्री बसों और भारी मालवाहक वाहनों के लिए दिन और रात के समय अलग-अलग सीमाएं तय की गई हैं। निर्धारित गति से अधिक वाहन चलाने पर चालान किए जाने की व्यवस्था भी बताई गई है।
एक्सप्रेसवे पर वाहनों के हिसाब से तय होगी गति सीमा
सर्दियों में पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे पर वाहनों की श्रेणी के अनुसार अधिकतम गति सीमा निर्धारित की गई है। दिन और रात के समय लागू होने वाली गति सीमा इस प्रकार बताई गई है:
| वाहनों की श्रेणी | दिन में सुबह 8 से रात 8 बजे तक | रात में 8 बजे से सुबह 8 बजे तक |
|---|---|---|
| हल्के वाहन, कार और जीप | 80 किमी प्रति घंटा | 60 किमी प्रति घंटा |
| यात्री बसें और टेंपो ट्रैवलर | 60 किमी प्रति घंटा | 50 किमी प्रति घंटा |
| भारी मालवाहक वाहन, ट्रक और ट्रेलर | 50 किमी प्रति घंटा | 40 किमी प्रति घंटा |
सामान्य परिस्थितियों में इन एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। सर्दियों में दृश्यता कम होने और सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए गति सीमा कम रखी जाएगी।
कैमरों और रडार से होगी निगरानी, तेज रफ्तार पर चालान
दी गई जानकारी के अनुसार, यूपीडा ने एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में नई गति सीमाओं को दर्ज किया है। एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्गों के साथ प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कैमरों और रडार सेंसर की मदद से वाहनों की गति पर निगरानी रखी जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने पर स्वचालित तरीके से ऑनलाइन चालान किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। ऐसे में वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित एक्सप्रेसवे पर लागू गति सीमा की जानकारी लेनी चाहिए और खासकर रात में तेज रफ्तार से बचना चाहिए।
कोहरा घना होने पर रोके जा सकते हैं वाहन
कोहरे के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाने की बात कही गई है। यदि किसी एक्सप्रेसवे पर दृश्यता 50 मीटर से कम हो जाती है, तो वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा सकता है। इसके लिए टोल प्लाजा, पार्किंग स्थल और पेट्रोल पंप जैसे स्थानों का इस्तेमाल किया जाएगा। दृश्यता में सुधार होने के बाद पुलिस और एक्सप्रेसवे सुरक्षा टीम की निगरानी में वाहनों को धीरे-धीरे काफिले के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसका उद्देश्य कम दृश्यता के कारण होने वाली टक्कर और बड़े सड़क हादसों का खतरा कम करना है।
यात्रा के दौरान इन हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क
एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होने, दुर्घटना या आपात स्थिति में यात्रियों की सहायता के लिए दिए गए हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: 1800-123-3127, 1800-123-3128, 6390001213, 6390001214, 7818072620
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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: 1800-889-0972, 1800-889-1032, 8810763962, 8810763963
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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे: 1800-889-4776, 1800-889-5776, 8810771898, 8810771899
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यमुना एक्सप्रेसवे: 1800-102-7777
अन्य आपात स्थितियों के लिए दिए गए नंबर:
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14449: सड़क यात्रा संबंधी सहायता
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112: पुलिस एवं आपातकालीन सहायता
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108 और 102: एंबुलेंस सेवाएं
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1033: राष्ट्रीय राजमार्ग आपातकालीन सहायता
वाहन चालकों को सलाह है कि सर्दियों में यात्रा के दौरान गति नियंत्रित रखें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और घने कोहरे में आगे चल रहे वाहन की पिछली लाइटों को देखकर सावधानी से आगे बढ़ें।
