एसपी चीफ ने ब्यूरोक्रेट्स को चेताया-अधिकारी बनकर रहिए, पॉलिटिकल वर्कर बने तो जेल जाएंगे,आजम खां के साथ हुआ अन्याय, सपा उनके लिए करती रहेगी संघर्ष, शिक्षक-स्नातक MLC चुनाव में धांधली का आरोप
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिना हेराफेरी और धांधली के चुनाव नहीं जीत सकती।अखिलेश यादव ने अधिकारियों को निष्पक्ष भूमिका निभाने की चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अधिकारी बनकर काम करना चाहिए, राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर नहीं। उन्होंने दावा किया कि यदि अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम करेंगे और अनियमितताओं में शामिल पाए जाएंगे, तो सरकार बदलने पर उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। वह लखनऊ के मोहान रोड स्थित अभिनंदन रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव, मतदाता सूची, एसआईआर, शिक्षामित्रों, आरक्षण, आजम खान और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) समेत कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। वह मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के सपा के पूर्व प्रत्याशी सोनू कनौजिया के दिवंगत पिता रामगोपाल कनौजिया की तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
भाजपा वोट से नहीं, खोट या नोट से चुनाव जीतना चाहती है: अखिलेश

एसपी चीफ अखिलेश यादव ने शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में कथित अनियमितताओं और शिक्षकों पर दबाव बनाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीख से एक दिन पहले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अप्रत्यक्ष धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक, ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे शिक्षक और स्नातक मतदाता भाजपा के पक्ष में मतदान करें या स्कूल प्रबंधन पर ऐसा करने का दबाव बने। सपा अध्यक्ष ने इसे भाजपा की हताशा बताते हुए कहा कि चुनाव लड़ने के अधिकार को दबाव के जरिए प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और प्रबुद्ध मतदाताओं से समाजवादी पार्टी के सभी प्रत्याशियों को समर्थन देने और जिताने की अपील की। उन्होंने चुनाव आयोग से भी निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और कथित गड़बड़ियों पर नजर रखने की मांग की।
अधिकारियों को चेतावनी, बोले- राजनीतिक कार्यकर्ता न बनें
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षक -स्नातक निर्वाचन में शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिक्षकों को फोन करके धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आधार बन सकता है। सपा अध्यक्ष ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाएं और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से बचें। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बदलने पर शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं और लूट में शामिल लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।
वोटर लिस्ट भाजपा नेताओं तक कैसे पहुंची? एसआईआर पर भी सवाल

मतदाता सूची को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा के मंत्रियों और नेताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भाजपा के नेताओं और मंत्रियों तक इसकी जानकारी कैसे पहुंच रही है।उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों की आवाज में लोगों को फोन कॉल किए जा रहे हैं और ऐसे कॉल के लिए मतदाताओं का डेटा इस्तेमाल किया जा रहा है।अखिलेश यादव ने आशंका जताई कि इसके लिए किसी कंपनी की सेवाएं ली गई होंगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से ऐसी कॉल आने पर उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की अपील की।एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नाम पर चार या दस वोट दर्ज होने जैसी शिकायतों को सामान्य गलती नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च होने और बीएलओ की मौतों के बावजूद यदि ऐसी त्रुटियां सामने आ रही हैं, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी।अखिलेश यादव ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान सामने आई गलतियां निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया। ये आरोप सपा अध्यक्ष के बयान हैं।
शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक बनाने का वादा
शिक्षामित्रों के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षामित्रों से जुड़ी आधी-अधूरी योजना शुरू की थी। उन्होंने कहा, “हम उन्हें पूरा शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम करेंगे।” उनके इस बयान को शिक्षामित्रों की सेवा, रोजगार और नियमित शिक्षक के दर्जे से जुड़े मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के वादे के रूप में देखा जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आरक्षण, हक और सम्मान को लेकर सपा का दावा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सामाजिक न्याय और आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आरक्षण, हक और सम्मान केवल समाजवादी पार्टी दे सकती है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सामाजिक भेदभाव के आरोप लगाए और कहा कि सभी वर्गों को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। सपा अध्यक्ष ने सनातन धर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भेदभाव करता है, सच नहीं बोलता और दूसरों के प्रति प्रेम नहीं रखता, वह सनातनी नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता श्रद्धा और आस्था के साथ भी खिलवाड़ करते हैं।
एलडीए को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीए को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है और विभाग में पैसे के लेन-देन से जुड़ी अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इन समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास और जनहित के बजाय अपनी सत्ता बचाने पर अधिक ध्यान दे रही है।
आजम खान के साथ अन्याय का आरोप
सपा अध्यक्ष ने वरिष्ठ नेता आजम खान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने उनके साथ बड़े पैमाने पर अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आजम खान को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित नहीं है और जनता इस बार उन्हें सत्ता से हटाने जा रही है। उनके मुताबिक, कुर्सी बचाने के लिए मुख्यमंत्री कुछ भी कह सकते हैं।
शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में इन प्रत्याशियों को जिताने की अपील
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन खंडों में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रत्याशियों के नाम इस प्रकार हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र आगरा-अलीगढ़ खंड से शशांक यादव, लखनऊ खंड से कांति सिंह, इलाहाबाद-झांसी खंड से डॉ. मान सिंह,वाराणसी-मिर्जापुर खंड से आशुतोष सिन्हा, मेरठ -सहारनपुर खंड से प्रमेन्द्र सिंह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र आगरा -अलीगढ़ खंड से डॉ. आकाश अग्रवाल, लखनऊ खंड से सुशील पटेल, गोरखपुर-फैजाबाद खंड से डॉ. संजयन त्रिपाठी, बरेली-मुरादाबाद खंड से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, वाराणसी-मिर्जापुर खंड से लाल बिहारी यादव, मेरठ-गाजियाबाद खंड से नितिन तोमर को वोट देने की अपील की। अखिलेश यादव ने इन सभी प्रत्याशियों की जीत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से सहयोग मांगा।उन्होंने सोशल मीडिया संदेशों के जरिए भी अलग-अलग प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील की।
