प्रशासन की अनुमति में नृत्य पर रोक होने के बावजूद कार्यक्रम कराने का आरोप, कमेटी ने कहा- नेग मांगने आए किन्नरों ने किया था नृत्य; पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
बदायूं : बिल्सी कस्बे में गोशाला मेला श्रीरामलीला महोत्सव के दौरान रामलीला मंच पर कथित फूहड़ नृत्य कराने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रामलीला कमेटी के अध्यक्ष, मेला अध्यक्ष एवं भाजपा के नगर अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों, सदस्यों और कलाकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की ओर से नृत्य जैसे कार्यक्रमों पर रोक लगाए जाने के बावजूद मंच पर इस तरह का आयोजन कराया गया। वहीं, कमेटी के पदाधिकारियों ने आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता उमेश बाबू वार्ष्णेय ने बताया कि श्रीरामलीला महोत्सव के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी। शिकायत के अनुसार, अनुमति में नृत्य आदि कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद कमेटी के अध्यक्ष, मेला अध्यक्ष, अनुमति प्राप्तकर्ता और अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों पर जानबूझकर शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रामलीला मंच पर भगवान श्रीराम और हनुमान जी के चित्र लगे होने के बावजूद कथित फूहड़ नृत्य कराया गया। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने और स्थानीय लोगों में रोष फैलने का आरोप लगाया गया है।
कमेटी का पक्ष- नेग मांगने आए थे किन्नर
मेला कमेटी के अध्यक्ष संजीव वार्ष्णेय, मेला अध्यक्ष एवं भाजपा के नगर अध्यक्ष आदित्य माहेश्वरी और पदाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण गुप्ता ने आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि मंच पर नृत्य करने वाले किन्नर थे, जो अपना नेग मांगने आए थे। इसी दौरान उन्होंने नृत्य किया था। कमेटी के पदाधिकारियों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। मामले को लेकर सीओ आलोक सिद्धू ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता पिछले वर्ष कमेटी में शामिल थे, लेकिन इस बार उन्हें स्थान नहीं मिला था। हालांकि, इस बात की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 296, 299 और 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इन धाराओं में राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कृत्य, सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत या अशांति फैलाने तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित आरोप शामिल बताए गए हैं। फिलहाल, मामले में पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपों की सत्यता जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
