अमरोहा में हसनपुर के प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में रैली के दौरान दिया बयान, चंद्रशेखर बोले- योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार; निष्पक्ष चुनाव और बैलेट पेपर की मांग भी उठाई
अमरोहा: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनावी चुनौती दी है। अमरोहा में हसनपुर विधानसभा सीट से अपनी पार्टी के प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी के समर्थन में आयोजित रैली के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर जिले की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं, वह उनके खिलाफ मैदान में उतरने को तैयार हैं। चंद्रशेखर ने यहां तक कहा कि यदि वह बिजनौर की किसी सीट से चुनाव लड़कर सामने वाले प्रत्याशी को हराकर नहीं भेज पाए तो राजनीति छोड़ देंगे।
2022 में गोरखपुर जाकर योगी के खिलाफ लड़े थे चुनाव
मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर जाकर उनकी सीट से चुनाव लड़े थे। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने अब बिजनौर में मुकाबले की चुनौती दी। चंद्रशेखर के मुताबिक, बिजनौर जिले में दो आरक्षित और छह सामान्य विधानसभा सीटें हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इनमें से किसी भी सीट को चुन सकते हैं और वह वहां चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जनता के बीच जाकर मुकाबला करने की बात भी कही।
‘वोटों की चोरी के बिना चुनाव जीत सकते हैं तो बिजनौर आइए’
रैली में चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिना वोटों की चोरी के चुनाव जीत सकते हैं तो उन्हें बिजनौर आकर मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ने का तरीका बताएंगे। चंद्रशेखर ने ईवीएम के बजाय मतपत्र से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई। उनका कहना था कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए, ताकि जनता का वास्तविक जनसमर्थन सामने आ सके। वोटों की चोरी से जुड़ी उनकी टिप्पणी एक राजनीतिक आरोप है।
मुख्यमंत्री के जनसमर्थन पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक ताकत और लोकप्रियता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी नेता के वास्तविक जनसमर्थन का आकलन निष्पक्ष चुनाव के माध्यम से ही किया जा सकता है। उन्होंने सर्वे और जमीनी समर्थन के दावों पर भी सवाल किए। चंद्रशेखर की इस चुनौती को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम बयान के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से इस चुनौती पर कोई प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
