सपा प्रमुख ने उठाया रायबरेली के पीड़ित परिवार का मामला,1 लाख की मदद, बेरोजगारी,पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने-अपने बूथों पर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने भाजपा पर मतदाता सूची में कथित तौर पर फर्जी नाम जुड़वाने और विरोधी दलों के मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश करने के आरोप लगाए। वहीं, उन्होंने प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भी भाजपा सरकार को घेरा। इसी दिन सपा ने रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र के एक परिवार के साथ कथित उत्पीड़न का मामला भी उठाया और पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी। अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट में चुनावी प्रक्रिया, पीडीए की एकजुटता और प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं।
मतदाता सूची को लेकर कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का संदेश

लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता अपने-अपने बूथों पर सतर्क रहें। उन्होंने भाजपा पर फर्जी वोट बनवाने, विरोधी दलों के वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाने और चुनाव में कथित अनियमितताओं का सहारा लेने के आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा चुनावी बेईमानी को अपनी ताकत समझती है। उन्होंने वोट चोरी और चंदा चोरी के मुद्दे पर भी जनता को सावधान रहने की बात कही। सपा प्रमुख ने दावा किया कि जनता भाजपा की कथित बेईमानी और झूठ को समझ चुकी है तथा आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर सतर्क रहने का आह्वान किया।
महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्याय के मुद्दों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था से परेशान है। उन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जे और गरीबों के साथ अन्याय के आरोप लगाते हुए कहा कि न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने दावा किया कि पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की एकजुटता से भाजपा परेशान है।उनके मुताबिक, प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने को लेकर जनता के बीच समर्थन बढ़ रहा है।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर भी हमला
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या घट रही है और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों और अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।अखिलेश यादव ने किसानों, नौजवानों, शिक्षकों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए जनता तैयार है। यह आगामी चुनाव को लेकर सपा प्रमुख का राजनीतिक दावा है।
रायबरेली के ऊंचाहार में पीड़ित परिवार का मामला उठाया

समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री एवं विधायक इंद्रजीत सरोज और रायबरेली के जिलाध्यक्ष। इंजीनियर वीरेंद्र यादव ने अखिलेश यादव को ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र के उड़वा गांव में एक परिवार के साथ कथित अन्याय का मामला बताया। पार्टी ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की जानकारी भी दी। सपा ने आरोप लगाया गया है कि सीमा देवी पत्नी राजू पासी की चार बिस्वा जमीन को लेकर ग्राम प्रधान रमेश मिश्र के साथ विवाद चल रहा था। प्रशासनिक आदेश के बाद जमीन पर कब्जा मिलने के बावजूद परिवार को दोबारा बेदखल किए जाने का आरोप है। उन्होंने सीमा के साथ कथित दुष्कर्म और बाद में मारपीट किए जाने के आरोप भी लगाए गए। सपा का दावा है कि दुष्कर्म की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के बाद न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि 6 अक्टूबर 2026 को सीमा देवी और उनके पति राजू पासी के साथ मारपीट की गई। इसी मामले से जुड़ी दूसरी महिला रिद्धिमा सिंह के साथ कथित मारपीट और उनकी कार में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। सपा के मुताबिक, घटना के संबंध में थाने के भीतर मारपीट होने का आरोप है और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर ‘पीडीए प्रहरी’ और लोकतंत्र का मुद्दा
इसके अलावा अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में ‘पीडीए प्रहरी’ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर सतर्क नागरिकों के प्रयासों के बाद कुछ अधिकारी जांच और सुधार की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए अधिकारियों से कानून और संवैधानिक जिम्मेदारियों के अनुरूप काम करने की अपेक्षा जताई। पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा महत्वपूर्ण है।
राम मंदिर से जुड़े पोस्ट में भाजपा पर लगाए आरोप
उन्होंने दशहरे पर लगे कथित पोस्टर पर सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर राम मंदिर से जुड़े पोस्टर और धार्मिक प्रतीकों के संदर्भ में निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों का उद्देश्य एक पोस्टर के जरिए दूसरे पोस्टर को छिपाना था। इसी पोस्ट में उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चोरी और चंदा-दान से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया।
