डीएम अविनाश सिंह ने जारी किए निर्देश, मतदान के दिन शराब की बिक्री-आपूर्ति पर रोक, 17 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला, 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना
बरेली: बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के मद्देनजर डीएम अविनाश सिंह ने जिले में ड्राई डे घोषित किया है। इसके तहत मतदान दिवस पर शराब और भांग की दुकानों पर बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने यह कदम चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उठाया है। डीएम के आदेश के अनुसार, 23 अक्टूबर को देसी शराब की दुकानों, कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग की फुटकर दुकानों पर बिक्री नहीं होगी। इसके अलावा शराब के थोक अनुज्ञापनों, बार, सीएसडी डिपो तथा सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों की कैंटीनों में भी मदिरा और मादक पदार्थों की बिक्री एवं आपूर्ति प्रतिबंधित रहेगी। मदिरा उत्पादक इकाइयों और डिस्टलरी से शराब की बिक्री एवं आपूर्ति पर भी रोक लागू रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। संबंधित प्रतिष्ठानों को जारी आदेश का पालन करना होगा।
शिक्षक MLC चुनाव में 17 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के चुनाव में कुल 17 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों और समाजवादी पार्टी के हाजी दानिश अख्तर प्रमुख प्रत्याशी हैं। इनके अलावा 15 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।
मतदान के लिए पहचान प्रमाणपत्र जरूरी
शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतदान करने वाले मतदाताओं को अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदाता पहचानपत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के जरिए पहचान प्रमाणित की जा सकेगी। अपर आयुक्त (प्रशासन) एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी प्रीति जायसवाल के अनुसार, मतदाता पहचानपत्र के विकल्प के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों तथा निजी औद्योगिक संस्थानों की ओर से जारी सेवा पहचानपत्र भी निर्धारित नियमों के तहत मान्य होंगे। सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचानपत्र के साथ संबंधित शिक्षण संस्थान की ओर से जारी सेवा पहचानपत्र भी पहचान के लिए प्रस्तुत किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र भी निर्धारित निर्देशों के अनुसार पहचान प्रमाणित करने के लिए मान्य होगा।
दिव्यांग मतदाता UDID कार्ड से भी करा सकेंगे पहचान
दिव्यांग मतदाताओं की पहचान के लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र या सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी विशिष्ट दिव्यांगता पहचानपत्र (UDID Card) प्रस्तुत करने का विकल्प दिया गया है। इन दस्तावेजों की स्वीकार्यता निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। प्रशासन की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि वे मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले अपनी पहचान से संबंधित जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि मतदान के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन का जोर शिक्षक एमएलसी चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है। मतदान के दिन शराब और भांग की दुकानों को बंद रखने तथा बिक्री एवं आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय भी इसी तैयारी का हिस्सा है। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। वहीं, मतदाताओं को निर्धारित समय के भीतर मतदान करने और पहचान संबंधी नियमों का पालन करने की आवश्यकता होगी।
