19 सितंबर की घटना के वायरल वीडियो से सामने आया मामला, पुलिस ने POCSO के तहत FIR दर्ज कर तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, SIT जांच जारी
बरेली/लखनऊ: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर हुई कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले ने देशभर में आक्रोश पैदा किया है। 19 सितंबर की शाम हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक मामले में POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के लिए SIT भी गठित की गई है। मगर, इस घटना पर अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन और पूर्व सैन्य अधिकारी खुशबू पाटनी ने भी सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए घटना को शर्मनाक बताया।
कोचिंग से लौट रहे थे दोनों नाबालिग
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे जमुई सदर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग छात्र-छात्रा को कुछ युवकों ने रोक लिया। दोनों कोचिंग के बाद स्कूटी से निकले थे और घटनास्थल वाले इलाके में फोटो लेने गए थे। वायरल वीडियो में दोनों को युवकों के समूह से घिरा हुआ और उनसे जाने देने की गुहार लगाते हुए देखा गया।पुलिस के मुताबिक वीडियो में छात्रा के साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार और छात्र के साथ मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस ने पीड़ितों तक पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए।
तीन आरोपी गिरफ्तार, SIT कर रही जांच
जमुई पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और बिहार पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
“क्या ऐसे हम विश्वगुरु बनेंगे?”
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए खुशबू पाटनी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।उनके सोशल मीडिया पर वायरल बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि ऐसा समाज, जहां महिलाओं की इज्जत सुरक्षित न हो, वह खुद को विश्वगुरु कैसे कह सकता है। उन्होंने घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए आरोपियों के व्यवहार की आलोचना की।उन्होंने लोगों से केवल सरकार को जिम्मेदार ठहराने के बजाय समाज की अपनी जिम्मेदारी पर भी विचार करने की अपील की।
“बिहार वालों, इस बार अपनी ईगो पर ले लो”
खुशबू पाटनी ने बिहार के लोगों से भी इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि “बिहार के लोगों, इस बार इस घटना को अपनी ईगो पर ले लो।” उनका कहना था कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।
दोनों नाबालिगों के साहस की तारीफ
खुशबू पाटनी ने घटना के दौरान एक-दूसरे का साथ देने वाले दोनों नाबालिगों के साहस की भी सराहना की। उन्होंने खास तौर पर इस बात को रेखांकित किया कि मुश्किल परिस्थिति में छात्र ने छात्रा का साथ नहीं छोड़ा और दोनों एक-दूसरे को बचाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने युवाओं के लिए यह संदेश भी दिया कि असली हीरो केवल फिल्मी कलाकार नहीं होते, बल्कि मुश्किल समय में साहस और इंसानियत दिखाने वाले आम लोग भी समाज के लिए उदाहरण बन सकते हैं।
नाबालिगों की पहचान उजागर न करने की अपील
इस मामले में पुलिस ने नाबालिग पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है। ऐसे मामलों में वायरल वीडियो को आगे साझा करने से बचना जरूरी है, क्योंकि इससे पीड़ितों की निजता और गरिमा प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने भी मामले में गोपनीयता बरतते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई है। फिलहाल जमुई पुलिस की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ वायरल वीडियो के स्रोत और प्रसार की भी जांच की जा रही है।
