मुरादाबाद के दिल्ली रोड समेत प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पोस्टर वार तेज होता दिखाई दे रहा है। मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत सपा के कई नेताओं की तस्वीरों वाले विवादित होर्डिंग लगाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। दिल्ली रोड पर साईं हॉस्पिटल के सामने लगाए गए होर्डिंग में सपा सरकार और उसके नेताओं को लेकर कई तीखे राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
अखिलेश यादव और सपा नेताओं की तस्वीरें
मुरादाबाद में लगाए गए होर्डिंग में अखिलेश यादव के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान, वीरपाल सिंह यादव और सर्वेश यादव समेत सपा नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं। होर्डिंग पर सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर ‘माफियाराज’ और प्रदेश को लूटने जैसे आरोप लिखे गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ होर्डिंग पर अखिलेश यादव को लेकर बेहद तीखे और आपत्तिजनक राजनीतिक नारे भी लिखे गए हैं। ये आरोप होर्डिंग लगाने वाले पक्ष के राजनीतिक संदेश हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आजम खान की भैंसों का भी किया गया जिक्र
होर्डिंग में सपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें पूर्व मंत्री आजम खान की भैंसों के चोरी होने और पुलिस द्वारा उनकी तलाश किए जाने की चर्चित घटना का संदर्भ शामिल है। होर्डिंग में इस घटना को लेकर राजनीतिक टिप्पणी की गई है। हालांकि, इन संदेशों में लगाए गए राजनीतिक निष्कर्षों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
किसने लगवाए होर्डिंग, अनुमति पर भी सवाल
दिल्ली रोड जैसे प्रमुख मार्ग पर यूनिपोल पर लगाए गए इन होर्डिंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन्हें किस व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक समूह ने लगवाया। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में होर्डिंग लगाने वाले की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इनके लिए संबंधित विभाग या नगर निकाय से अनुमति ली गई थी या नहीं, इस पर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
होर्डिंग की जानकारी मिलते ही सपा नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक कई स्थानों से पोस्टर और होर्डिंग हटाए गए। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने आरोप लगाया कि इन पोस्टरों के पीछे स्थानीय भाजपा नेताओं का हाथ है। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध का तरीका बताते हुए कार्रवाई की मांग की। यह आरोप सपा की ओर से लगाया गया है। दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्टों में भाजपा नेताओं की ओर से इन आरोपों से इनकार किए जाने की बात भी सामने आई है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे सपा कार्यकर्ता
मामले को लेकर सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव, पूर्व विधायक और पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग के खिलाफ शिकायत पत्र देने और लगाने वालों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। सपा नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के राजनीतिक संदेश लगाकर पार्टी और उसके नेताओं की छवि प्रभावित करने की कोशिश की गई है। अब पार्टी की शिकायत पर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है।
लखनऊ समेत कई जिलों में भी पोस्टर की चर्चा
मुरादाबाद के अलावा लखनऊ, उन्नाव, इटावा, सीतापुर, मेरठ, आजमगढ़, बरेली और गाजीपुर समेत कई जिलों में भी सपा नेताओं को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में स्थानीय राजनीतिक संदर्भों और सपा नेताओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अखिलेश यादव को लेकर विवादित पोस्टर सामने आने पर सपा नेताओं ने पुलिस से शिकायत की है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
मुरादाबाद में लगे विवादित होर्डिंग ने विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पोस्टर वार को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल होर्डिंग किसने लगवाए, इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और शिकायत पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है, इन सवालों का जवाब आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं, सपा की शिकायत और भाजपा पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी आगे दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।
