लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उपनिरीक्षक गोपनीय, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और सहायक उपनिरीक्षक लेखा पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मिली नियुक्ति
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र दिए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए कहा कि लिखित परीक्षा से लेकर टाइपिंग और मेडिकल तक उन्हें किसी तरह की सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी।
तीन पदों पर हुआ चयन
लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर चयन होने से लंबे समय से देखा जा रहा सरकारी नौकरी का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए गर्व और यादगार का क्षण रहा।
संजीव वर्मा का उपनिरीक्षक गोपनीय पद पर चयन
लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती की लिखित परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम घोषित हुआ। संजीव वर्मा के मुताबिक पूरी नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्ष रही और मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिला। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके लिए गर्व की बात है।
रजत गुप्ता का यूपी पुलिस में दूसरी बार चयन
लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता का चयन भी उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर हुआ है। यह यूपी पुलिस में उनका दूसरा चयन है। इससे पहले वर्ष 2020 में उनका चयन आरक्षी पद पर हुआ था। रजत गुप्ता ने कहा कि लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल समेत भर्ती की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही। उनके मुताबिक चयन योग्यता के आधार पर हुआ।
सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर अंजू भारती का चयन
सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित अंजू भारती ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि उनका चयन बिना पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ।अंजू भारती के मुताबिक नौकरी हासिल करने के लिए उन्होंने केवल आवेदन पत्र भरने में पैसा खर्च किया। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
तीन साल की तैयारी के बाद दर्शना को मिली सफलता
सहायक उपनिरीक्षक लेखा पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उन्हें कहीं भी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि योग्यता के आधार पर चयन हुआ है। दर्शना ने बताया कि करीब तीन साल की तैयारी के बाद मिली सफलता उनके और परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए यादगार क्षण रहा।
पांच साल की तैयारी के बाद धीरेंद्र को मिली नौकरी
सहायक उपनिरीक्षक लेखा पद पर चयनित धीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह करीब पांच साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली और नियुक्ति पत्र मिलने का दिन उनके लिए बेहद खुशी का रहा। वहीं, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि वह वर्ष 2021 से तैयारी कर रहे थे। उनके मुताबिक पूरी भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही।
नियुक्ति के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
यूपी पुलिस के लिपिक संवर्ग में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही उनके लंबे इंतजार का अंत हुआ। चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत और तैयारी को दिया। नियुक्ति के बाद अब सभी चयनित अभ्यर्थियों के सामने पुलिस विभाग में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की नई चुनौती होगी।
