समान नागरिक संहिता के विरोध में आयोजित सभा में जेन-जी युवाओं से ओवैसी ने किए कई सवाल, पत्नी, माता-पिता और बहनों के अधिकारों का किया जिक्र
भोपाल: समान नागरिक संहिता के विरोध में मंगलवार को भोपाल में आयोजित रैली में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने जेन-जी युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परिवार, माता-पिता की सेवा, बहनों के अधिकार और पत्नी के साथ संबंधों को लेकर युवाओं से कई सवाल किए। पत्नी को लेकर दिया गया उनका बयान चर्चा में आ गया। ओवैसी ने कहा कि अच्छा मर्द वही है जो अपनी पत्नी की गुलामी करता है। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी दाढ़ी धूप में नहीं, बल्कि घर में रहते हुए सफेद हुई है।
जेन-जी युवाओं से ओवैसी ने किए कई सवाल
सभा के दौरान ओवैसी ने मौजूद जेन-जी युवाओं से बदलाव लाने को लेकर सवाल किया। इसके बाद उन्होंने युवाओं से कुरान और सुन्नत पर अमल करने, मस्जिदों को आबाद रखने, माता-पिता की सेवा करने और बहनों को उनका हिस्सा देने को लेकर सवाल किए। ओवैसी के सवालों पर सभा में मौजूद लोगों ने अपनी सहमति जताई। इसके बाद उन्होंने युवाओं से पूछा कि क्या वे अपनी पत्नियों की गुलामी करेंगे। पत्नी के साथ समर्पण और पारिवारिक जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें डरने या शर्म करने की कोई बात नहीं है।
‘अच्छा मर्द वही है जो बीवी की गुलामी करता है’
ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि जो पुरुष अपनी पत्नी के साथ समर्पण और जिम्मेदारी से रहता है, वही अच्छा मर्द है। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी इसी बात को मानते हैं और उनकी दाढ़ी घर में सफेद हुई है। यह बयान भोपाल में आयोजित समान नागरिक संहिता विरोधी सभा के दौरान दिया गया, जहां ओवैसी ने मुख्य रूप से मुस्लिम व्यक्तिगत कानून, परिवार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे उठाए।
यूसीसी को लेकर ओवैसी ने भाजपा पर लगाए आरोप
ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी समानता के लिए नहीं बल्कि मुसलमानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 से जुड़े प्रावधानों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए यूसीसी का विरोध किया।
‘गैर हिंदुओं पर लागू किए जा रहे एक समुदाय के कानून’ का आरोप
ओवैसी ने आरोप लगाया कि यूसीसी के जरिए एक धार्मिक समुदाय से जुड़े कानूनों को दूसरे समुदायों पर लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने हिंदू विवाह, उत्तराधिकार और गोद लेने से जुड़े कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि यूसीसी के मुद्दे पर भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। ओवैसी के मुताबिक, संविधान देश के नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है।
मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में यूसीसी को लेकर बहस
यूसीसी को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू है, जबकि गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में इससे संबंधित विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच अलग-अलग दावे और तर्क सामने आ रहे हैं। ओवैसी ने भोपाल की सभा में यूसीसी का विरोध जारी रखने की बात कही और लोगों से आगे होने वाले विरोध कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील भी की।
