किसानों की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम ने जताई सख्ती, अधिकारियों को किसानों से सीधे वार्ता कर गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश
बरेली : किसानों की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण को लेकर बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने गन्ने के बकाया भुगतान, ओवरहेड टैंक से प्रदूषित जलापूर्ति और केसीसी ऋण पर ब्याज में मिलने वाली छूट समेत कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।किसान दिवस में उप कृषि निदेशक ने पिछले किसान दिवसों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की बिंदुवार रिपोर्ट जिलाधिकारी के सामने प्रस्तुत की। इसके बाद डीएम ने एक-एक शिकायत के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
20 सितंबर तक गन्ना भुगतान कराने के निर्देश
किसानों ने किसान दिवस में गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। इस पर डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को किसानों के लंबित गन्ना भुगतान को 20 सितंबर 2026 तक कराने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित किसान से बातचीत कर समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रदूषित पानी की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश
कृषक एमपी सिंह ने करीब 15 से 20 वर्ष पहले बनी ओवरहेड टंकी से प्रदूषित जलापूर्ति की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। KCC ब्याज छूट की शिकायत भी पहुंची डीएम के पास ग्राम शाहपुर डांडी निवासी किसान सीताराम ने शिकायत की कि बैंक की ओर से किसानों को केसीसी ऋण पर मिलने वाली 3 प्रतिशत ब्याज छूट समय से नहीं मिलती है। इस मामले में डीएम ने अग्रणी जिला प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा को किसानों की समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए।
अगले किसान दिवस में होगी पिछली शिकायतों की समीक्षा
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों का जल्द और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी संबंधित किसानों से स्वयं बातचीत करें और समस्या के समाधान की स्थिति से उन्हें अवगत कराएं। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारी आगामी किसान दिवस में स्वयं उपस्थित रहें। अगले किसान दिवस की शुरुआत पिछले किसान दिवस की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा से की जाएगी। इसके बाद किसानों की नई समस्याओं को सुना जाएगा।
किसानों को उन्नत खेती और मधुमक्खी पालन की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. रंजीत सिंह ने किसानों को फसलों को कीटों से बचाने और उन्नत कृषि तकनीकों से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर चर्चा की। किसानों को बताया गया कि 28 से 30 सितंबर 2026 तक कृषि विज्ञान केंद्र, आईवीआरआई, इज्जतनगर में मधुमक्खी पालन से संबंधित तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इच्छुक किसान इसमें प्रतिभाग कर सकते हैं।
उद्यान विभाग की योजनाओं की दी जानकारी
जिला उद्यान अधिकारी ने विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। प्रेस नोट के अनुसार, भामाशाह मूल्य स्थिरता कोष के तहत किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान बताया गया। इसके अलावा शीतगृह में आलू भंडारण शुल्क में भी किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये तक की छूट देने का प्रावधान बताया गया।
कई विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान रहे मौजूद
किसान दिवस में कृषि, विद्युत, गन्ना, उद्यान, मत्स्य, रेशम, सहकारिता, रुहेलखंड नहर खंड, बीमा कंपनी और दुग्ध विभाग के अधिकारियों के साथ जनपद के प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
