रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित सैनिकों को प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित और एसी चेयर कार में यात्रा की सुविधा
नई दिल्ली: देश की रक्षा में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक से सम्मानित वीरता पुरस्कार विजेताओं को भारतीय रेल में आजीवन यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इस सुविधा का लाभ पात्र वीरता पुरस्कार विजेताओं के जीवनसाथी को भी मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के इस फैसले का उद्देश्य देश की रक्षा के लिए असाधारण साहस और बलिदान देने वाले सैनिकों तथा उनके परिवारों को सम्मान देना है।
विधवा या विधुर को पुनर्विवाह तक मिलेगा लाभ
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वीरता पुरस्कार विजेता सैनिक के विधवा या विधुर जीवनसाथी को यह यात्रा सुविधा पुनर्विवाह तक जारी रहेगी। इसके अलावा उन सैनिकों के माता-पिता को भी योजना में शामिल किया गया है, जिन्हें अविवाहित होने की स्थिति में मरणोपरांत वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस प्रावधान के जरिए उन परिवारों को भी यात्रा सुविधा का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने अपने बेटे या बेटी को देश की सेवा में खोया है।
प्रथम श्रेणी और एसी चेयर कार में कर सकेंगे यात्रा
पात्र लाभार्थियों को भारतीय रेल की प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और वातानुकूलित चेयर कार में यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। रक्षा मंत्रालय ने इस सुविधा को प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने का फैसला किया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को बार-बार कागजी औपचारिकताओं से गुजरना न पड़े।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और कागज रहित
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पात्र लाभार्थियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। इसके लिए भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण के बाद लाभार्थियों का सत्यापन और प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लोगों को इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। इन इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुक करने की सुविधा 1 नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के आईआरसीसीपी वेब पोर्टल के माध्यम से शुरू होगी।
कागजी औपचारिकताओं से मिलेगी राहत
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र सैनिकों और उनके परिवारों को यात्रा सुविधा लेने के लिए कागजी दस्तावेजों और अनावश्यक औपचारिकताओं से राहत मिलेगी। ऑनलाइन पंजीकरण, सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया गया है। इससे लाभार्थी घर बैठे यात्रा पास की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
सैनिकों के परिवारों को भी सम्मान
रक्षा मंत्रालय की यह पहल देश की रक्षा के लिए असाधारण साहस दिखाने वाले सैनिकों के साथ उनके परिवारों के योगदान और त्याग को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कई वीर सैनिकों ने देश की सुरक्षा के लिए कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। ऐसे में उनके परिवारों को यात्रा सुविधा देना उनके योगदान के प्रति सम्मान का भी प्रतीक माना जा रहा है।
1 नवंबर से इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुकिंग
नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास जारी किए जाएंगे। इन पास के आधार पर 1 नवंबर 2026 से टिकट बुक करने की सुविधा शुरू होगी। इस फैसले से वीरता पुरस्कार विजेता सैनिकों और पात्र परिजनों को भारतीय रेल में यात्रा करने की सुविधा आसान तरीके से मिल सकेगी। रक्षा मंत्रालय की यह पहल सैनिकों की वीरता और उनके परिवारों के त्याग के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाती है।
