बरेली : यूपी के बरेली में करोड़ों रुपये के निवेश धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे कन्हैया गुलाटी के नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों की डीआईजी अजय कुमार साहनी की सख्ती के बाद गिरफ्तारी की गई है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई डीआईजी और एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी ने की है। पुलिस ने आरोपी विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। यह दोनों आरोपी काफी समय से वांछित थे। पुलिस ने उनकी पहचान करने के बाद गिरफ्तारी की। यह कार्रवाई कथित वीडियो प्रसारित होने के लगभग 24 घंटे के भीतर की गई।
डीआईजी, और एसएसपी ने घोषित की इनाम
आरोपियों की तलाश में पुलिस काफी समय से जुटी थी। जिसके चलते डीआईजी अजय कुमार साहनी ने 50 हजार और एसएसपी अनुराग आर्य ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया। इस त्वरित कार्रवाई को पुलिस की तत्परता के उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है। इसमें विशाल शर्मा इज्जतनगर के आलोक नगर क्षेत्र का निवासी, तो वहीं विनय श्रीवास्तव गोरखपुर की कौआ बाग रेलवे कॉलोनी का निवासी है।
कन्हैया गुलाटी की कंपनी से संबंध
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों का संबंध कन्हैया गुलाटी की कंपनी से जुड़े निवेश प्रकरण से बताया गया है। उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज होने और वांछित होने की जानकारी भी प्रकाशित हुई है। दोनों पर गुलाटी के लिए करीब 1.40 करोड़ रुपये का निवेश कराने का आरोप बताया गया है। इस राशि से जुड़ी जानकारी को पुलिस की केस डायरी और आधिकारिक दस्तावेजों से मिलान करना जरूरी है।
कन्हैया गुलाटी पर क्या हैं आरोप?
कन्हैया गुलाटी पर कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के माध्यम से निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर धन जुटाने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निवेशकों को हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न और निर्धारित अवधि के बाद रकम दोगुनी करने का वादा किए जाने की बात सामने आई थी। भुगतान रुकने के बाद निवेशकों ने शिकायतें दर्ज कराईं और मामले में मुकदमे दर्ज हुए। कन्हैया गुलाटी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की तलाश और इनाम से जुड़ी जानकारी भी रिपोर्टों में प्रकाशित हुई है।
