शरीयत के दायरे में निकालें जुलूस, हथियार लेकर न आने की हिदायत
बरेली : 1501वें ईद मिलादुन्नबी को लेकर बरेली में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के पुराने और नए इलाकों में सजावट का काम शुरू हो गया है। जगह-जगह महफिलों, नातिया कार्यक्रमों और अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां की जा रही हैं। इसी बीच जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान फरमान मियां ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों और लोगों से शरीयत के दायरे में रहकर आयोजन करने की अपील की है।
जुलूस में हथियार लेकर न आएं अंजुमन
फरमान मियां ने जुलूस -ए-मुहम्मदी में शामिल होने वाली सभी अंजुमनों से अपील की कि कोई भी व्यक्ति किसी तरह का हथियार लेकर जुलूस में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि पैगंबर -ए-इस्लाम की मोहब्बत में लोग सादगी के साथ दुरूद शरीफ पढ़ते हुए जुलूस में शामिल हों और भाईचारे, अमन व मोहब्बत का पैगाम आम करें। उन्होंने युवाओं से भी विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि ईद मिलादुन्नबी का संदेश आपसी सौहार्द, इंसानियत और मोहब्बत को बढ़ावा देना है। सभी लोग अनुशासन के साथ कार्यक्रमों में शामिल हों और शहर के अमन-चैन को बनाए रखने में सहयोग करें।
50 से अधिक अंजुमनों को किया जाएगा सम्मानित
उन्होंने बताया कि मथुरापुर स्थित मदरसा जमीयतुर रज़ा में विभिन्न क्षेत्रों और गांवों से आने वाली 50 से अधिक अंजुमनों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें अटा, बीबियापुर, तिलियापुर, खनागौटिया,बहेड़ी, मीरगंज, बंदिया, मथुरापुर और परधौली समेत कई स्थानों की अंजुमनें शामिल हैं। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर पुराने शहर और नए शहर दोनों क्षेत्रों में जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के पदाधिकारी सक्रिय रहेंगे, ताकि जुलूस और अन्य कार्यक्रमों में शामिल लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
रोशनी और सजावट से जगमगाया शहर
ईद मिलादुन्नबी को लेकर शहर की गलियों और प्रमुख चौक -चौराहों को रोशनी से सजाने की तैयारी है। जगह-जगह महफिलों और नातिया कार्यक्रमों का आयोजन होगा। मस्जिदों और मदरसों में विशेष सजावट के साथ कुरआनख्वानी और दुआ का आयोजन भी किया जाएगा। जुलूस-ए-मोहम्मदी पारंपरिक अंदाज में निकाला जाएगा। इस दौरान नात-ओ-कसीदों और दुरूद-ओ-सलाम के साथ माहौल को रोशन करने की तैयारियां की जा रही हैं।
अमन और भाईचारे का दिया संदेश
फरमान हसन खान ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी सिर्फ जश्न मनाने का अवसर नहीं, बल्कि एकता, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देने का दिन है। उन्होंने देशवासियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह अवसर रहमत और बरकत से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि 1501वां ईद मिलादुन्नबी यादगार बने, इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जुलूस में अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की गई।
प्रशासन ने भी शुरू की तैयारियां
ईद मिलादुन्नबी के कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जुलूस के रूट और यातायात प्रबंधन को लेकर व्यवस्थाएं तय की जा रही हैं। जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर सहायता केंद्र बनाए जाने की भी बात कही गई है, ताकि जुलूस में शामिल लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
