मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहुंचे लखनऊ, बोले- यह मेरी तपोभूमि; मतदाताओं और बीएलओ को करेंगे जागरूक
दो दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त, विश्वविद्यालयों और स्कूलों में चुनाव प्रक्रिया व पारदर्शिता को लेकर होंगे जागरूकता कार्यक्रम
लखनऊ: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर राजधानी लखनऊ पहुंचे। लखनऊ पहुंचने पर उन्होंने शहर से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह उनके लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनकी तपोभूमि रही है और यहीं से उनकी शिक्षा भी हुई है।
मतदाताओं और बीएलओ को जागरूक करने पर जोर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दौरे का उद्देश्य मतदाताओं को जागरूक करने के साथ ही बूथ लेवल अधिकारियों को भी चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारी लोकतंत्र की आधारशिला हैं और चुनाव प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की विश्वविद्यालयों और स्कूलों में भी चुनाव प्रक्रिया, मतदाता जागरूकता और चुनाव में पारदर्शिता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यूपी बोर्ड में टॉप कर चुके हैं ज्ञानेश कुमार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की शैक्षणिक उपलब्धियां भी उल्लेखनीय रही हैं। उन्होंने वर्ष 1979 में हाईस्कूल और वर्ष 1981 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद में शीर्ष स्थान हासिल किया था। बताया गया कि हाईस्कूल में करीब 10 लाख विद्यार्थियों के बीच उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया था। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा में करीब छह लाख विद्यार्थियों के बीच वह उत्तर प्रदेश बोर्ड में शीर्ष स्थान पर रहे थे।
लखनऊ में चुनाव व्यवस्था को लेकर होंगे कई कार्यक्रम
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान मतदाता जागरूकता बढ़ाने, बूथ स्तर पर चुनाव व्यवस्था को मजबूत करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अधिकारियों तथा संबंधित लोगों से संवाद किए जाने की संभावना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाताओं की जागरूकता और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश में जागरूकता कार्यक्रमों को और गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
