सपा प्रमुख ने कन्नौज सोना कांड पर उठाए सवाल, बोले- दस दिखाया, सोलह गटकाया, सड़क और कुंभ बजट पर तंज, डबल इंजन के डबल गोरखधंधे का लगाया आरोप
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, पुलिस व्यवस्था, सड़क निर्माण और रोजगार समेत कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। सपा की ओर से जारी बयान में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सिस्टम भ्रष्ट हो चुका है और विभागों में भ्रष्टाचार व लूट का बोलबाला है।
कन्नौज सोना कांड पर बोले-दस दिखाया, सोलह गटकाया
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कन्नौज में पुलिस की गाड़ी से हुए हादसे के बाद सामने आए सोने की बरामदगी के मामले को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कार की तलाशी में एक-एक किलो के 26 सोने के बिस्कुट मिले थे, जबकि कथित तौर पर केवल 10 किलो सोना दिखाया गया। इसी आरोप को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “दस दिखाया, सोलह गटकाया।”उन्होंने यह भी आशंका जताई कि बरामद सोने के संबंध में सरकारी रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव के बयान पर आधारित हैं और इनके संबंध में पुलिस या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस बयान में नहीं दिया गया है।
डबल इंजन के डबल गोरखधंधे का लगाया आरोप
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नेपाल से गोरखपुर और गोरखपुर से दिल्ली तक का रास्ता कथित तौर पर सोने की तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार के “डबल इंजन के डबल गोरखधंधे” से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार में ऊपर से नीचे तक धांधली, कमीशनखोरी और लूट चल रही है। उन्होंने पुलिस पर झूठे मुकदमे, झूठे आरोप और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पुलिस की छवि प्रभावित हुई है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और कुंभ बजट पर भी निशाना
उन्होंने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि करीब चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले एक्सप्रेसवे पर गड्ढों और सड़क टूटने की स्थिति सामने आ रही है। उन्होंने भाजपा सरकार में बने अन्य एक्सप्रेसवे और सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। प्रयागराज में कुंभ से जुड़े खर्च को लेकर उन्होंने करीब एक लाख करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद शहर में जलभराव की समस्या बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बजट का बंदरबांट और लूट हो रही है।
मुंबई के भाषा विवाद पर भी भाजपा को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुंबई में स्थानीय भाषा के ज्ञान की अनिवार्यता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर राज्य की मातृभाषा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाषा का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी राज्य में व्यवसाय या रोजगार के लिए स्थानीय भाषा की अनिवार्य शर्त लगाई जाती है तो इससे देश में लोगों के आवागमन और व्यवसाय की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी? उन्होंने विशेष रूप से ऑटो-रिक्शा चालकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाषा के दबाव में काम करने वाले ड्राइवरों पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है, जो ड्राइवर और यात्रियों दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। अखिलेश ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह गरीब, शोषित और वंचित वर्गों पर दबाव डाल रही है, जबकि बड़े कारोबारियों के प्रति उसका रवैया अलग है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि ऑटो-रिक्शा से जुड़े नियमों के पीछे बड़ी वाहन कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। यह दावा भी उन्होंने सवाल के रूप में उठाया है।
UPSC और लेटरल एंट्री को लेकर भी हमला
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने UPSC में लेटरल एंट्री को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि भाजपा सरकार UPSC का नाम OPSC क्यों नहीं कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि लेटरल एंट्री के नाम पर पिछले दरवाजे से भाजपा और उसके सहयोगी अपनी विचारधारा से जुड़े लोगों की नियुक्तियां कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे आउटसोर्सिंग का एक और रूप बताया।
बस्ती के युवाओं की पहल की तारीफ
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक नदी की सफाई के लिए युवाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह प्रयास सराहनीय है और सरकार को आईना दिखाता है। उन्होंने दावा किया कि नदियों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं दिखे। अखिलेश ने इन युवाओं से मिलने और उनका सम्मान करने की बात भी कही।
सीएम योगी पर साधा निशाना
रविवार शाम एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथित टिप्पणियों और सामान्य ज्ञान को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर अध्ययन की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयानों को देखकर यूपीएससी और यूपीपीसीएस की अध्ययन सामग्री में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।।उन्होंने मुख्यमंत्री पर पूर्व में पत्रकार, प्रोफेसर, कोविड के दौरान एक जिलाधिकारी और लखनऊ अग्निकांड में मृत बच्चे की मां के कथित अपमान को लेकर भी निशाना साधा। इसी क्रम में उन्होंने “विद्या ददाति विनयम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान व्यक्ति में विनम्रता और विवेक पैदा करता है।
