फर्जी आधार से खाते खुलवाकर ठगी की रकम मंगाने का आरोप, जफर के बाद रफीक पुलिस के हत्थे चढ़ा, ताहिर की भूमिका भी जांच के दायरे में
बरेली : साइबर ठगी के लिए फर्जी आधार कार्ड और बैंक खातों का नेटवर्क चलाने के मामले में फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 30 वर्षीय रफीक पुत्र अनीस खां, निवासी धंतिया को हाईवे से गांव जाने वाले मोड़ पर कब्रिस्तान के पास घेराबंदी कर पकड़ा। इससे पहले पुलिस इस मामले में बहेड़ी के शेरनगर निवासी मोहम्मद जफर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर उनके जरिए बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल सामान्य बैंकिंग के बजाय साइबर ठगी से हासिल रकम मंगाने के लिए किया जाता था। खाते में रकम पहुंचने के बाद उसे निकालकर नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच बांट लिया जाता था।
साइबर टीम की जांच में खुला नेटवर्क
इस मामले की जांच दो अगस्त से सामने आई, जब साइबर टीम ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाए जाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद साइबर टीम के उपनिरीक्षक पंकज कुमार की ओर से फतेहगंज पश्चिमी थाने में मोहम्मद जफर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमा दर्ज होने के दिन ही पुलिस ने जफर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।जफर से पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस को रफीक की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। रविवार को सूचना मिलने पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक अशोक कुमार, उपनिरीक्षक विनोद कुमार शर्मा और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह की टीम ने कार्रवाई कर रफीक को गिरफ्तार कर लिया।
जफर और ताहिर के साथ मिलकर काम करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रफीक ने फर्जी आधार कार्ड और बैंक खातों से जुड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारी दी है। आरोप है कि वह मोहम्मद जफर और ताहिर के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड तैयार कराने और उनके आधार पर बैंक खाते खुलवाने में मदद करता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम आने के बाद उसे निकालकर आपस में बांटने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने बैंक खाते खुलवाए गए, उनमें कितनी रकम का लेनदेन हुआ और साइबर ठगों से आरोपियों का संपर्क किस स्तर तक था। मामले में ताहिर की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
रफीक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रफीक के खिलाफ वर्ष 2016 में इज्जतनगर थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। मौजूदा मामले में उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। साथ ही फर्जी दस्तावेजों से खोले गए बैंक खातों और उनमें हुए संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार रफीक को पुलिस न्यायालय में पेश कर रही है।
