मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 आयोजित, बरेली मंडल में सरसों की खेती के रकबे में वृद्धि
बरेली : यूपी के बरेली शहर के जीआईसी ऑडिटोरियम में मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता राज्य के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की। कार्यक्रम में बरेली और मुरादाबाद मंडल के किसान, कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी शामिल हुए। राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। गोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और योजनाओं के चलते बीते वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि बरेली मंडल की 10 चीनी मिलों द्वारा 100 फीसद गन्ना भुगतान किया जा चुका है। जिससे किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। नई चीनी मिल की स्थापना की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार शीघ्र ही बरेली में एक और मिल शुरू करने पर विचार कर रही है। जिससे क्षेत्रीय किसानों को नई आर्थिक संभावनाएं मिलेंगी।
धान की पैदावार में गिरावट, लेकिन सरसों की खेती में वृद्धि

मंत्री शाही ने इस बात पर चिंता जताई कि धान की खेती के रकबे में गिरावट देखी गई है, जबकि सकारात्मक पहलू यह रहा कि सरसों के उत्पादन में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार अब किसानों को ऐसे फसल विकल्प देने पर जोर दे रही है जो अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण-सम्मत हों।
29 मई से 12 जून तक चलेगा ‘विकास कृषि संकल्प अभियान’

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्देशित विकास कृषि संकल्प अभियान 29 मई से 12 जून 2025 तक चलेगा। इसके अंतर्गत हर न्याय पंचायत स्तर पर कृषक गोष्ठियाँ होंगी, जिनमें कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों को आत्मनिर्भर खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और योजनाओं की जानकारी देंगे।
किसानों से सीधे संवाद में उठीं जमीनी समस्याएं

गोष्ठी का एक महत्वपूर्ण भाग यह रहा है। जिसमें किसानों ने मंत्री से सीधे संवाद किया और अपनी समस्याएं साझा कीं। बदायूं के किसान दयाराम राजपूत ने मक्का सुखाने के लिए छोटे ड्रायर की मांग की। पीलीभीत के किसान हरिओम सिंह ने छुट्टा पशुओं से फसल बचाव के सोलर फेंसिंग की व्यवस्था, बरेली के किसान ओमप्रकाश ने जैविक उत्पादों की टेस्टिंग के लिए स्थानीय प्रयोगशाला की आवश्यकता आदि मांगो को रखा। इन सभी के सुझावों को मंत्री ने गंभीरता से लेकर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
नवाचारों की प्रदर्शनी और स्टॉलों का अवलोकन
गोष्ठी में कृषि नवाचारों पर आधारित स्टॉल लगाए गए, जिनका निरीक्षण कृषि मंत्री, राज्य मंत्री व अधिकारियों द्वारा किया गया। इन स्टॉलों पर किसानों को निम्नलिखित तकनीकों की जानकारी दी गई। धान की सीधी बुवाई, सहफसली खेती, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन, गन्ना शोध और नई किस्में, जैविक खेती के नवीन उपाय
प्रमुख घोषणाएं और सुझाव
पीलीभीत में बासमती धान रिसर्च सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव, मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद हेतु क्रय केंद्र खोलने की मांग, किसान सम्मान निधि को अधिकतम किसानों तक पहुँचाने पर विशेष ध्यान, जैविक खेती के प्रमाणीकरण और लैब टेस्टिंग को सरल और सुलभ बनाने की योजना आदि की मांग की। इस दौरान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, आंजनेय कुमार सिंह, डीएम अविनाश सिंह,प्रमुख सचिव (कृषि), कृषि निदेशक, सीडीओ सहित अन्य अधिकारी आदि मौजूद थे।
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