फरीदपुर की फैक्ट्री में 40 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से मजदूर की मौत के बाद हंगामा
बरेली : यूपी के जिले और आसपास शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। फरीदपुर क्षेत्र स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में 40 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। वहीं मुरादाबाद में लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से हरियाणा से घर लौट रहे बरेली के दो श्रमिकों की मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
40 फीट गहरे गड्ढे में दबकर मजदूर की मौत
देहात के फरीदपुर थाना क्षेत्र स्थित कुणाल प्लाईवुड फैक्ट्री में शुक्रवार शाम करीब 4:40 बजे 40 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई।हादसे के समय गड्ढे में चार-पांच मजदूर काम कर रहे थे। अन्य मजदूर बाहर निकल आए,लेकिन भोजपुर ओसढ़ निवासी 25 वर्षीय सुरजीत मलबे में दब गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, शव रखकर प्रदर्शन
परिजनों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को फैक्ट्री के मुख्य गेट पर रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि हादसे के बाद प्रबंधन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य में सक्रियता नहीं दिखाई। परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा उचित मुआवजा देने की मांग की।
एसडीएम और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना पर एसडीएम विदुषी सिंह और फरीदपुर कोतवाली प्रभारी राधेश्याम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों के पालन सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मुरादाबाद हादसे में बरेली के दो श्रमिकों की मौत
दूसरी घटना मुरादाबाद के दलपतपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई, जहां लकड़ी से लदी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ईको कार में टक्कर मार दी। हादसे में बरेली के भदपुरा ब्लॉक के ग्राम बिहारीपुर पीतम राम निवासी सुमेरमल (35 वर्ष) और साधु राम (45 वर्ष) की मौत हो गई।दोनों हरियाणा में धान की रोपाई का कार्य पूरा कर अपने गांव लौट रहे थे।
एक की मौके पर, दूसरे की अस्पताल ले जाते समय मौत
हादसे में सुमेरमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल साधु राम ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव में शोक, प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग
दोनों श्रमिकों की मौत की सूचना गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
