बरेली : साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन बड़े साइबर ठगी मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है।एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन और एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर के निर्देशन में साइबर थाना टीम ने तीन बड़े साइबर ठगी मामलों में पीड़ितों के करीब 34 लाख रुपये वापस कराए हैं। गैस कनेक्शन रिन्यूअल के फर्जी लिंक, मोबाइल हैकिंग और निवेश के नाम पर हुई ठगी के मामलों में साइबर थाना पुलिस ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय कर ठगी की रकम को ट्रेस किया, होल्ड कराया और अदालत के आदेश के बाद पीड़ितों के खातों में वापस करवा दिया। इस कार्रवाई के बाद पीड़ितों ने बरेली पुलिस और साइबर थाना टीम का आभार जताया है।
गैस कनेक्शन रिन्यूअल के लिंक पर क्लिक करते ही उड़ गए 11.90 लाख रुपये

पहला मामला 29 मार्च 2026 का है। शहर के किला क्षेत्र के रहने वाले गौरव शर्मा ने साइबर थाना में शिकायत दी थी कि उनके व्हाट्सएप पर गैस कनेक्शन रिन्यूअल का एक लिंक आया था, जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और उनके बैंक खाते से कई ट्रांजेक्शन के जरिए 11 लाख 90 हजार 921 रुपये निकाल लिए गए। इस मामले में साइबर थाना बरेली में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने मनी ट्रेल खंगाली और पाया कि साइबर अपराधियों ने रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया था। बैंकिंग संस्थानों और साइबर पोर्टल के सहयोग से रकम को होल्ड कराया गया और बाद में अदालत के आदेश पर पीड़ित के खाते में पूरी रकम वापस करा दी गई।
आर्मी के नायब सूबेदार का फोन हैक कर निकाले 5.11लाख
दूसरा मामला 22 फरवरी 2026 का है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग निवासी प्रदीप सिंह कंडारी, जो भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं।बरेली में एक महीने के प्रशिक्षण पर आए हुए थे। उन्होंने शिकायत में बताया कि 21 फरवरी को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका फोन हैक कर लिया और उनके सैलरी अकाउंट से 8 ट्रांजेक्शन में 5 लाख 11 हजार 74 रुपये निकाल लिए। शिकायत के बाद साइबर थाना बरेली ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में सामने आया कि ठगी की रकम का इस्तेमाल अलग-अलग लोन के समायोजन में किया गया था। पुलिस ने बैंक और वित्तीय संस्थानों से समन्वय कर रकम को ट्रेस किया और अदालत के आदेश के बाद पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।
फर्जी निवेश के नाम पर 17 लाख की थी ठगी

तीसरा मामला इज्जतनगर क्षेत्र के रहने वाले राजेश कुमार से जुड़ा है। उन्होंने 25 अक्टूबर 2025 को साइबर थाना बरेली में शिकायत देकर बताया था कि उनके साथ निवेश के नाम पर 17 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। साइबर थाना ने मुकदमा दर्ज कर मनी ट्रेल की जांच शुरू की तो पता चला कि ठगी की रकम कई लाभार्थी खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। पुलिस ने विभिन्न बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की मदद से इस रकम को होल्ड कराया। इसके बाद अदालत की प्रक्रिया पूरी कराकर पूरे 17 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए गए। पुलिस अब इस मामले में शामिल साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी कर रही है।
बरेली पुलिस की अपील- ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक डिटेल किसी से साझा न करें
तीनों मामलों में रकम वापस मिलने के बाद पीड़ितों ने बरेली पुलिस और साइबर थाना टीम का आभार जताया। वहीं बरेली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक खाता नंबर, ओटीपी, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि अगर किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए। समय रहते शिकायत होने पर ठगी की रकम को होल्ड कराकर वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
