बरेली: ज़िले में गुरुवार को आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के दौरान कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश नहीं मिलने का आरोप लगाया। छात्रों का दावा है कि वे महज दो मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन निर्धारित समय बीतने के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। अभ्यर्थियों ने ट्रैफिक जाम और शहर में निकली राजनीतिक रैली को देरी की वजह बताते हुए दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। परीक्षा निर्धारित समय और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई।
1:47 पर पहुंचे, लेकिन गेट नहीं खुला-मनोहर भूषण इंटर कॉलेज की अभ्यर्थी का आरोप
बिलसी निवासी नैंसी माथुर ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, नैनीताल रोड, बरेली था। उनके मुताबिक परीक्षा केंद्र पर प्रवेश का समय दोपहर 1:45 बजे तक निर्धारित था, लेकिन वह करीब 1:47 बजे पहुंचीं। नैंसी का आरोप है कि केंद्र के गेट पर ताला लगा हुआ था और कर्मचारियों ने यह कहते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया कि परीक्षा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके साथ 8 से 10 अन्य छात्राएं भी गेट के बाहर मौजूद थीं, लेकिन किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। उनका कहना है कि वह परीक्षा देने की पूरी तैयारी के साथ आई थीं, लेकिन केवल दो मिनट की देरी के कारण उनका पूरा साल प्रभावित हो गया।
रैली और ट्रैफिक जाम ने बिगाड़ा समय, छात्रों ने प्रशासन पर उठाए सवाल
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे समय से पहले बरेली शहर पहुंच चुके थे, लेकिन शहर में भारी ट्रैफिक जाम और एक राजनीतिक रैली के कारण परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच सके। अमरिया निवासी आशा गंगवार ने बताया कि वह भी परीक्षा देने आई थीं और केवल दो मिनट देर से पहुंची थीं। उनका कहना है कि उनके साथ कई अन्य अभ्यर्थी भी थे, जो जाम में फंसने के कारण समय पर केंद्र नहीं पहुंच पाए। छात्रों का आरोप है कि सभी को प्रवेश की अंतिम समय सीमा की जानकारी थी और वे समय पर पहुंचने का पूरा प्रयास कर रहे थे, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
डीएम से दोबारा परीक्षा कराने की मांग, प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थियों ने पुलिस से भी संपर्क किया। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें जिला अधिकारी कार्यालय जाने की सलाह दी। अब अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन और परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था से मांग की है कि ट्रैफिक जाम जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण परीक्षा से वंचित रह गए छात्रों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाए या नई तिथि घोषित की जाए। फिलहाल, छात्रों के इन आरोपों पर जिला प्रशासन या परीक्षा प्राधिकरण की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
