बरेली : यूपी के बरेली देहात की बहेड़ी थाना पुलिस ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक व्यक्ति का अपहरण करने, मारपीट कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने और ऑनलाइन व नकद रकम वसूलने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरी वारदात पहले से बनाई गई साजिश के तहत अंजाम दी गई थी।
परिचित ने ही रची पूरी साजिश
पुलिस के अनुसार ग्राम सिमरा निवासी अशफाक अहमद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उनकी कार रोककर उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी जहीर, अशफाक का परिचित था। रुपये की जरूरत होने पर उसने अपने साथियों सन्नी अरोरा और सुमंत यादव समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर अपहरण और फिरौती की योजना बनाई। योजना के तहत अशफाक को बातचीत के बहाने खेत के पास बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे घेर लिया और वारदात को अंजाम दिया।
CBI अधिकारी बनकर डराया, फिर वसूले रुपये
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अशफाक और अपने ही साथी जहीर को भी यह दिखाने की कोशिश की कि वे सीबीआई अधिकारी हैं और उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने वाली है। इसी बहाने पीड़ित को डराया गया, धमकाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने पहले 50 लाख रुपये की मांग की,लेकिन बाद में चार लाख रुपये में समझौता करने की बात कही। इस दौरान पीड़ित से उसका मोबाइल फोन और कार भी छीन ली गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उसका यूपीआई पिन हासिल कर फोनपे और अन्य माध्यमों से करीब 78 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए, जबकि छह हजार रुपये नकद भी वसूल लिए गए।
पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा
इस मामले की जांच में जुटी बहेड़ी पुलिस ने 21 जून की रात मुडिया रोड पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में जहीर निवासी ग्राम सिमरा, सन्नी अरोरा निवासी किच्छा और सुमंत यादव निवासी किशनपुर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों ने पूछताछ में घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी, बरामद हुई कार और मोबाइल
पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना में मोहित, प्रिंस और एक अज्ञात महिला समेत अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, तीन मोबाइल फोन और 700 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति इस साजिश में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
