बरेली : मोहर्रम की पहली जुमेरात पर कस्बे के अंसारी मोहल्ले से पारंपरिक और ऐतिहासिक ताजिया भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे धार्मिक श्रद्धा और सौहार्द के साथ उठाया गया। ताजिया अपने निर्धारित मार्गों से होकर विभिन्न मोहल्लों में पहुंचा और शुक्रवार को वापस इमामबाड़े में पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले पुलिस अधिकारियों को ताजिया कमेटी ने सम्मानित भी किया।
ऐतिहासिक ताजिए में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
अंसारी मोहल्ले का जुमेरात वाला ताजिया कस्बे के सबसे पुराने और ऐतिहासिक ताजियों में गिना जाता है। पहले अगवाड़ा, बीच मोहल्ला और पिछौड़ा मोहल्ला के ताजिए विशेष पहचान रखते थे, लेकिन अब लगभग हर मोहल्ले से ताजिए निकाले जाते हैं। मोहर्रम की नौवीं और दसवीं तारीख को कस्बे में बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचते हैं, जबकि निकटवर्ती अगरास गांव का मेहंदी कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहता है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस बल रहा पूरी तरह मुस्तैद
जुलूस के दौरान शासन के निर्देशों के अनुसार ताजिए की ऊंचाई 12 फीट रखी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार, चौकी प्रभारी आदेश कुमार, एसआई गंगाधर सिंह, एसआई स्नेहा लौर सहित भारी पुलिस बल पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा। अधिकारियों ने पूरे मार्ग पर निगरानी रखी, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
बेहतर व्यवस्था पर पुलिस अधिकारियों का हुआ सम्मान
शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर ताजिया कमेटी ने थाना प्रभारी प्रवीण कुमार और चौकी प्रभारी आदेश कुमार को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कमेटी पदाधिकारियों ने उनके सहयोग और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस अवसर पर एडवोकेट इमरान अंसारी, सदर इरशाद हुसैन, मोइनुद्दीन,सरदार अंसारी,हम्माद अंसारी, समीर बाबा, टिंकू अंसारी, जाकिर मेंबर, शराफत मेंबर, असद अंसारी, आकिब सकलैनी, अमान अंसारी, आफताब आलम सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
