मुख्यमंत्री ने गोसंरक्षण, किसानों की आय, प्राकृतिक खेती और भारत की आर्थिक प्रगति पर रखे विचार
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोसंरक्षण और किसानों से जुड़े मुद्दों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि कुछ लोग गाय का दूध तो लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। जब वही गोवंश खेतों में जाकर फसलों को नुकसान पहुंचाता है तो लोग सरकार को दोष देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि गोमाता की रक्षा की जाए और देश की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो।
गोहत्या पर सिख गुरुओं के इतिहास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गोसेवा और गोसंरक्षण का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने सिख गुरुओं और वीरों के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि गुलामी के दौर में जब गोहत्या की घटनाएं होती थीं, तब सिख वीर उसका विरोध करते थे और धर्म तथा संस्कृति की रक्षा के लिए संघर्ष करते थे।
भारत की आर्थिक ताकत पर बोले मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब दो हजार वर्ष पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी लगभग 44 प्रतिशत थी। मुगल काल की लूटपाट के बाद भी यह हिस्सेदारी 24 प्रतिशत बनी रही। उन्होंने कहा कि जब तक देश किसानों, व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं की शक्ति पर विश्वास करता रहा, तब तक भारत समृद्धि के शिखर पर रहा।
विदेशियों की नकल से हुआ नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी सोच और मॉडल की अंधाधुंध नकल ने भारत को आर्थिक रूप से कमजोर किया। आजादी के समय वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की हिस्सेदारी घटकर लगभग दो प्रतिशत रह गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा दी गई है।
किसान पहले लागत और कम आय से थे परेशान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले किसान बढ़ती लागत और कम उत्पादन के कारण आर्थिक संकट झेल रहा था। उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से कई किसान निराशा का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज किसानों की स्थिति में सुधार के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।
मोदी सरकार ने किसानों को दी नई ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को उनकी लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य दिलाने की गारंटी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, किसान सम्मान निधि और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे किसानों को सीधा लाभ मिला है।
जहर मुक्त खेती अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण कई बार भारतीय कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वीकार नहीं किए जाते। इसलिए जहर मुक्त खेती और प्राकृतिक कृषि ही भविष्य का बेहतर विकल्प है।
विकसित भारत के निर्माण में किसानों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
