नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। लगातार 4399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहकर उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष सराहना प्रस्ताव पारित किया और सभी मंत्रियों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड को लेकर मंगलवार को राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व और उनके लंबे कार्यकाल की सराहना की गई। बैठक के दौरान सभी मंत्रियों ने खड़े होकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4399 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है। इस तुलना में नेहरू के 1952 के बाद के निर्वाचित कार्यकाल को आधार बनाया गया है, क्योंकि 1947 से 1952 तक वे अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। इस तरह मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। इसके बाद दिल्ली के भारत मंडपम में एनडीए की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी बैठक में पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समेत कई प्रमुख नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे। नेताओं के पहुंचने का सिलसिला देर तक जारी रहा।
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र में मजबूती और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में गिनाया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि उनके लंबे राजनीतिक प्रभाव और जनसमर्थन को भी दर्शाती है।
फिलहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज हुआ यह नया कीर्तिमान देश की राजनीतिक यात्रा में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भाजपा और एनडीए खेमे में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह और जश्न का माहौल बना हुआ है।
