लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक अधिवक्ता ने घरेलू विवाद के चलते इंदिरा डैम में कूदकर जान देने की कोशिश की। उसे बचाने के लिए रिश्तेदार (दोस्त) ने भी डैम में छलांग लगाई, लेकिन दोनों ही डूब गए। शनिवार दोपहर सर्च ऑपरेशन के दौरान रिश्तेदार शिवम उपाध्याय का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि अधिवक्ता अनुपम तिवारी अब भी लापता हैं। मूल रूप से मऊ जिले के गोपालपुर गांव निवासी अनुपम तिवारी (37वर्ष) लखनऊ में रहकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में वकालत करते थे। शुक्रवार देर रात उनका अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद अनुपम घर से निकल गए। उनके पीछे-पीछे उ

रात लगभग 11 बजे दोनों इंदिरा डैम पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अनुपम तिवारी ने गुस्से में डैम में छलांग लगा दी। यह देखकर शिवम ने उन्हें बचाने के इरादे से बिना सोचे-समझे पानी में छलांग मार दी, लेकिन दोनों ही तेज बहाव की चपेट में आ गए और डूब गए। स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस को सूचना दी। गुड्डंबा थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रातभर सर्च ऑपरेशन में जुटी रही।
शव बरामद, अधिवक्ता अब भी लापता
शनिवार को एनडीआरएफ के गोताखोरों ने शिवम उपाध्याय का शव इंदिरा डैम से बरामद कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं अनुपम तिवारी की तलाश अभी भी जारी है। गुड्डंबा थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि “घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। शिवम का शव शनिवार सुबह मिल गया है। अनुपम की तलाश के लिए ऑपरेशन लगातार जारी है।”
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शिवम और अनुपम के परिवार इस खबर के बाद से सदमे में हैं। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वकीलों के साथ-साथ आस-पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंचकर ढांढस बंधा रहे हैं। अनुपम तिवारी हाईकोर्ट में एक मेहनती और व्यवहारिक अधिवक्ता के रूप में पहचाने जाते थे। उनकी अचानक इस तरह से लापता होने की खबर से वकील समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। साथियों ने प्रशासन से जल्द रेस्क्यू प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
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