मऊ : उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से शनिवार देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बेटी की शादी के बाद खुशियों के साथ घर लौट रहा परिवार रास्ते में ही काल का शिकार हो गया। इस भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी लेन में जा रहे ट्रेलर से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग बुरी तरह फंस गए।
मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर जिले के खोराबार थाना क्षेत्र के रानीडीहा निवासी विनय श्रीवास्तव (60 वर्ष) अपनी बेटी की शादी के लिए रांची गए थे। विवाह संपन्न होने के बाद वे अपनी पत्नी अर्चना श्रीवास्तव (58 वर्ष) और इकलौते बेटे कृतार्थ श्रीवास्तव (27 वर्ष) के साथ स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे। वाहन को पुरुषोत्तम (47 वर्ष) चला रहा था, जबकि दूसरा चालक नीतीश (46 वर्ष) पीछे बैठा हुआ था। परिवार के साथ उनका पालतू कुत्ता भी मौजूद था।
शनिवार रात करीब ढाई बजे जैसे ही वाहन कुसुम्हा बशारतपुर के पास शारदा सहायक नहर कॉलोनी के सामने पहुंचा, तभी चालक को झपकी आ गई। कुछ ही सेकंड की यह चूक पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले डिवाइडर से टकराई और फिर नियंत्रण खोकर दूसरी लेन में चली गई, जहां सामने से आ रहे ट्रेलर से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह और थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह था। स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें बाहर निकालना बेहद कठिन हो गया था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जो करीब ढाई घंटे तक चला। भारी मशक्कत के बाद गैस कटर की मदद से वाहन को काटकर सुबह करीब पांच बजे सभी पांचों शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल करा दिया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में गहरा दुख व्याप्त है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि थकान और झपकी के बीच वाहन चलाना कितना खतरनाक हो सकता है। कुछ पलों की लापरवाही ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया और खुशियों को हमेशा के लिए गम में बदल दिया।
