लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति पहली बार ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां उसे विदेशी ताकतें प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने भारत की परंपरागत आधारित ‘गुट निरपेक्षता’ की नीति को कमजोर कर दिया है, और उसकी जगह ‘गुट सापेक्षता’ की नीति अपना ली है।उनके मुताबिक इससे देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गुट निरपेक्ष नीति भारत की पहचान रही: अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आजादी के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमेशा स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति अपनाई थी। इस नीति के तहत भारत ने किसी एक वैश्विक शक्ति के साथ खड़े होने के बजाय सभी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखे।उन्होंने कहा कि यह नीति भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के समय से विकसित हुई। जिसने भारत को वैश्विक राजनीति में स्वतंत्र पहचान दिलाई।
सरकार पर विदेश नीति बदलने का आरोप
सपा प्रमुख का कहना है कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की पारंपरिक रणनीति से अलग रास्ता अपनाया है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार की विदेश नीति कुछ खास देशों के साथ अत्यधिक निकटता पर आधारित दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जब विदेश नीति संतुलित और स्वतंत्र नहीं रहती, तो देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता प्रभावित होती है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश को अपनी विदेश नीति खुद तय करनी चाहिए और उसे किसी भी बाहरी दबाव से मुक्त रहना चाहिए।
