नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक विशेष कंट्रोल रूम की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में रह रहे और प्रभावित भारतीय नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें श्रमिक, पेशेवर, व्यापारी, छात्र और प्रवासी भारतीय शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी भारतीयों की सुरक्षा, भलाई और स्वदेश वापसी की जरूरतों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने हालात को और गंभीर बना दिया है। इसी तनावपूर्ण माहौल में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। भारतीय दूतावास ने राजधानी तेहरान में रह रहे सैकड़ों भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनकी जान को खतरा न हो।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है। यह कंट्रोल रूम सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करेगा। सहायता के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 1800118797 के अलावा +91 11 2301 2113, +91 11 2301 4104 और +91 11 2301 7905 पर संपर्क कर सकते हैं। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करें।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। इसके जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कई जवाबी हमले किए। ईरान द्वारा किए गए हमलों में मुख्य रूप से इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं। इन घटनाओं से पूरे खाड़ी क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को दोहराया कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए सबसे अहम मुद्दा है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि वह ऐसे किसी भी घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं करेगा, जिसका भारतीय नागरिकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार बदलते हालात पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर देशहित में त्वरित और ठोस फैसले लिए जाएंगे।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत सरकार क्षेत्रीय सरकारों, दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। फिलहाल सरकार ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
