शाहजहांपुर : राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब घायल किशोर की मौत के बाद परिजनों और उनके साथ पहुंचे लोगों ने ट्रामा सेंटर में जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि ट्रामा सेंटर के शीशे तोड़ दिए गए, फर्नीचर पलट दिया गया और डॉक्टरों व स्टाफ के साथ अभद्रता व मारपीट के आरोप भी लगे हैं। घटना के बाद कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।
जानकारी के मुताबिक निगोही थाना क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव निवासी 16 वर्षीय अंकित सिंह ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के तुरंत बाद परिजन उसे इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अंकित को समय पर और सही इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिजन और उनके साथ पहुंचे लोग आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ शुरू हो गई। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने शीशे तोड़ दिए, कुर्सियां और अन्य फर्नीचर पलट दिया। इस दौरान डॉक्टर मेराज आलम के साथ अभद्रता की गई, जबकि अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ भी मारपीट की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। चौक इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह ने स्थिति को संभालते हुए मामले की जानकारी ली। पुलिस के पहुंचने के बाद हालात पर काबू पाया गया, हालांकि तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद नाराज मेडिकल स्टाफ ने काम बंद कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। स्टाफ का कहना है कि अस्पताल में पहले से ही संसाधनों की कमी है और ऐसे हालात में हिंसा और मारपीट से उनका मनोबल टूटता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। परिजनों के इलाज में लापरवाही के आरोपों और अस्पताल में हुई तोड़फोड़ व मारपीट दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
