सभापति अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए
भुगतान, गौशाला और शिक्षा योजनाओं पर समीक्षा, सभापति ने दिए सख्त निर्देश, ऑनलाइन सट्टे पर भी चिंता, कहा- नई पीढ़ी को बचाना होगा”
बरेली : उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘संसदीय अध्ययन समिति’ की बरेली और बदायूं जनपद समीक्षा बैठक गुरुवार को सभापति किरण पाल कश्यप की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में वर्ष 2022 से 2025 तक जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों को भेजे गए पत्रों और उनकी कार्यवाही की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
अधिकारियों को सख्त निर्देश-हर पत्र का जवाब लिखित में दें

समिति ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों का गंभीरता से निस्तारण किया जाए, और “यदि कोई कार्य नियमानुसार नहीं हो सकता, तो उसका स्पष्ट कारण लिखित रूप में जनप्रतिनिधियों को बताया जाए।”
बदायूं जनपद की समीक्षा में सख्ती
ग्राम्य विकास विभाग में 09 पत्रों की समीक्षा की गई। राज्यमंत्री राकेश कुमार राठौर द्वारा भेजे गए पत्र पर कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत आमगांव की 5 विधवाओं को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। नलकूप विभाग में बताया गया कि बदायूं में 1214 नलकूप हैं, जिनमें से 1-2% खराब रहते हैं। समिति ने तुरंत सुधार के आदेश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि 79 विद्यालयों में फर्नीचर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, 535 विद्यालयों में पहले से फर्नीचर उपलब्ध है। खाद्य एवं रसद विभाग में 20 में से 17 पत्रों का निस्तारण, बाकी पर रिपोर्ट मांगी गई। गन्ना विभाग की समीक्षा में सामने आया कि बिसौली की निजी मिल पर 26 करोड़ का भुगतान लंबित है, समिति ने तत्काल भुगतान का निर्देश दिया।पशुपालन विभाग में बताया गया कि जनपद में 317 गौशालाएं हैं। समिति ने निर्देश दिया कि नंदियों का भी संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
बरेली जनपद की समीक्ष, योजनाओं की प्रगति पर जोर

जिलाधिकारी कार्यालय में कुल 49 प्रकरणों की समीक्षा की गई, सभी की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भेजी जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग में 27 प्रकरणों पर कार्यवाही जारी है, कुछ को नई योजना में शामिल किया गया। जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों का 75% रेस्टोरेशन पूरा, शेष कार्य फंड मिलते ही पूर्ण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 21 प्रकरणों की रिपोर्ट एक माह में समिति को भेजने के निर्देश। पशुपालन विभाग ने बताया कि बरेली में 113 गौशालाएं संचालित हैं। समिति ने निर्देश दिया कि गायों के साथ-साथ नदियों का भी संरक्षण किया जाए। गन्ना भुगतान पर समिति ने चिंता जताई। बहेड़ी मिल पर 146 करोड़ और नवाबगंज मिल पर 58 करोड़ रुपये बकाया हैं। FIR दर्ज की जा चुकी है और वसूली प्रक्रिया जारी है।
ऑनलाइन सट्टे पर चिंता, सभापति का सख्त रुख
सभापति किरण पाल कश्यप ने कहा “ऑनलाइन सट्टे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिससे नई पीढ़ी खतरे में है। इसे रोकने के लिए पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी होगी।”इस दौरान बैठक में MLC बहोरन लाल मौर्य, हंसराज विश्वकर्मा, डीएम बरेली अविनाश सिंह, डीएम बदायूं ब्रजेश कुमार सिंह एसएसपी बदायूं, सीडीओ बरेली-बदायूं, एसपी सिटी मानुष पारीक,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विश्राम सिंह सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
