धान और गेहूं की फसल के लिए खाद नहीं, सहकारी समितियों पर लंबी लाइनें, भाजपा पर किसानों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में किसानों की लगातार बढ़ती परेशानियों को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में किसानों को खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। धान के बाद अब गेहूं और अन्य फसलों की बुवाई के लिए डीएपी, एनपीके और अन्य आवश्यक उर्वरक नहीं मिल रहे हैं। किसान अपने फसल के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही। सपा प्रमुख ने कहा कि लखीमपुर खीरी, महोबा, फतेहपुर, बदायूं, अमेठी और अन्य जिलों में सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। किसान दिन भर इंतजार करते हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिलती। हर दिन सैकड़ों किसान निराश होकर लौट रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा सरकार के आने के बाद से प्रदेश में खाद संकट कम नहीं हुआ है, बल्कि खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी जारी है, जिसमें भाजपा के लोग शामिल हैं।
भाजपा सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है। उनका कहना है कि सरकार चाहती है कि किसान परेशान होकर खेती छोड़ दें और उनकी जमीन औने-पौने दाम पर उद्योगपतियों को दे दी जाए। इससे किसानों की आय और खेती दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान संकट के कारण बड़ी संख्या में किसान खेती छोड़ने और मजदूरी करने को मजबूर हैं।
किसानों में त्राहि-त्राहि

उन्होंने आगे बताया कि धान की फसल के दौरान किसानों को पहले ही खाद नहीं मिली थी। कई जगह किसानों पर लाठीचार्ज हुआ और किसान घायल हुए। अब वही स्थिति गेहूं की फसल के लिए बनी हुई है। महोबा में हजारों किसान सहकारी समितियों पर पहुंचे लेकिन केवल कुछ लोगों को ही खाद मिल सकी। लखीमपुर में कई जगह खाद उपलब्ध नहीं हुई। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के लिए झूठे वादे करती है और उनके अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 में भाजपा सत्ता से हटे तभी किसानों की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उन्हें खाद और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
