पटना: महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के फेस बनने के बाद तेजस्वी यादव ने शुक्रवार से चुनावी प्रचार की शुरुआत कर दी। पटना से रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर जनता उन्हें मुख्यमंत्री बनाती है, तो बिहार के लोग चिंता मुक्त हो जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि उनकी राजनीति भरोसे की राजनीति है और झूठे वादे नहीं किए जाते। तेजस्वी ने महागठबंधन की सरकार बनने पर हर परिवार को एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया और जीविका दीदियों के सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाओं का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी घोषणाएं सिर्फ चुनावी जुमला नहीं हैं, बल्कि ईमानदारी और विजन पर आधारित हैं, और अगर उन्हें मौका मिलेगा तो हर वादा लागू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “अब बिहार में जंगलराज नहीं रहेगा” वाले बयान पर तेजस्वी यादव ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में दिनदहाड़े हत्याएं, गोलीबारी और 55 से अधिक घोटाले हो चुके हैं, जिनका जिक्र प्रधानमंत्री खुद मंच से कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन घोटालों की जांच कहां गई और असली जंगलराज तो यही है। तेजस्वी ने कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर प्रधानमंत्री को भी जवाब देने की चुनौती दी और पूछा कि क्या बिहार की स्थिति उन्हें नजर नहीं आती।
गुरुवार को महागठबंधन की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किया गया। इसके बाद दूसरे फेज के तीन उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन वापस लिया। शुक्रवार से तेजस्वी की चुनावी सभा शुरू हुई, जिसमें वे सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और वैशाली में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और महागठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगेंगे। इसके अलावा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य आरा में पार्टी और महागठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा करेंगे।
