मेरठ : सरधना क्षेत्र के गांव महमदपुर सिखेड़ा में दुष्कर्म पीड़िता की उपचार के दौरान मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। किशोरी पिछले तीन दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी, लेकिन शुक्रवार शाम उसने दम तोड़ दिया। पीड़िता की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं। गांव के सभी मुख्य मार्गों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पीड़िता का शव देर रात गांव पहुंचते ही पुलिस ने पूरे इलाके में डेरा डाल दिया। गांव के दोनों ओर से आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गांव की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशीलता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मीडिया को भी गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समय शांति व्यवस्था सर्वोपरि है और अफवाहों को फैलने से रोकना बेहद जरूरी है। इसी वजह से बाहरी लोगों और मीडिया की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगाई गई है।
गांव में पीड़िता के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों में भी घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद स्थिति के अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
फिलहाल गांव में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि हालात नियंत्रण में रहें और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
