नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने देश में संभावित ईंधन संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संसद में आमतौर पर किसी भी मुद्दे पर बोलने के लिए एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन इस बार उन्हें एलपीजी, गैस और पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर बयान देने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद की कार्यप्रणाली में बदलाव किया जा रहा है, जिससे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में एलपीजी, गैस और तेल की उपलब्धता पर चर्चा करने के लिए बोलने की अनुमति मांगी थी, क्योंकि उनके अनुसार यह समस्या अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले समय में गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने दावा किया कि अब एक नई प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसमें पहले मंत्री फैसला करेगा कि किसे बोलने की अनुमति दी जाए, उसके बाद विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका मिलेगा और अंत में मंत्री जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा और तैयारी नहीं की गई, तो देश में गैस और पेट्रोल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। राहुल गांधी के मुताबिक देश की ऊर्जा सुरक्षा कमजोर होने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गलत कूटनीतिक फैसलों की वजह से आज देश को इस तरह की चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि अभी से इस दिशा में तैयारी शुरू की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर देश के करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा संकट जैसी संभावित समस्याओं पर संसद में खुलकर चर्चा होना बेहद जरूरी है, ताकि सरकार और विपक्ष मिलकर समाधान निकाल सकें।
इस बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने कहा कि यह सदन देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यहां हर सांसद अपने क्षेत्र की समस्याओं और लोगों की अपेक्षाओं को लेकर आता है। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा प्रयास रहा है कि हर सांसद को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।
ओम बिरला ने कहा कि यह सदन विचारों के आदान-प्रदान का एक जीवंत मंच है और यहां हर आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उन सांसदों को भी बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जो आमतौर पर कम बोलते हैं, क्योंकि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब हर प्रतिनिधि अपनी बात खुलकर रख सके।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष देश में भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। गिरीराज सिंह ने कहा कि महामारी जैसे कठिन दौर में सरकार ने देश का बेहतर प्रबंधन किया था और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने की क्षमता भी रखती है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
लोकसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। जहां विपक्ष संभावित ऊर्जा संकट को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि देश में ऐसी कोई गंभीर स्थिति नहीं है और सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
