मुरादाबाद/लखनऊ:मुरादाबाद की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने रामपुर के पूर्व सांसद और सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खां को छजलैट थाने में दर्ज अवमानना मामले में बरी कर दिया। यह मामला 2 जनवरी 2008 को वाहन चेकिंग के दौरान हुए बवाल से जुड़ा था।
वाहन रोकने पर हुआ था बवाल
उस समय आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने छजलैट थाने के सामने उनकी गाड़ी रोक दी थी। इसे लेकर वहां जमकर हंगामा हुआ और बाद में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और अन्य सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
2020 में दर्ज हुआ मामला
कई बार समन जारी होने के बावजूद आजम खां कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसके बाद रामपुर के गंज थाने के तत्कालीन प्रभारी रामवीर सिंह ने 2020 में छजलैट थाने में अवमानना का मुकदमा दर्ज कराया।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद दिया फैसला
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश एमपी सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को आजम खां को बरी कर दिया। विशेष लोक अभ्योजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि अभी उन्हें आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश मिलते ही अध्ययन के बाद उच्च अदालत में अपील की जा सकती है।
