हैदराबाद : नामपल्ली इलाके में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक चार मंजिला फर्नीचर की दुकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं और लपटों की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद करीब 21 घंटे तक चले लंबे और कठिन बचाव अभियान के बाद रविवार को राहत कार्य समाप्त किया गया।
पुलिस के अनुसार, आग लगने की सूचना शनिवार दोपहर को मिली थी। सूचना मिलते ही हैदराबाद पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, और हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने और इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि, इमारत के भीतर से निकल रहा घना धुआं और आग की तीव्रता राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा बन गई।
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि फर्नीचर की दुकान के बेसमेंट में कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के रहने के लिए कमरे बनाए गए थे। आग लगने के समय यही लोग बेसमेंट में मौजूद थे और धुएं के कारण वे बाहर नहीं निकल सके। दम घुटने और आग की चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। राहत दल ने कई घंटों की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी। फिलहाल, संबंधित विभागों द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के दौरान इमारत के आसपास के इलाके को एहतियातन खाली करा लिया गया था, ताकि किसी और प्रकार की जनहानि न हो। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक आग इमारत के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा चुकी थी। दुकान में रखा फर्नीचर और अन्य सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
इस हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा मानकों और वहां रहने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेसमेंट में आवासीय उपयोग को लेकर भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपायों का पालन किया गया होता, तो शायद इस तरह की दुखद घटना को टाला जा सकता था। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की बात भी कही गई है।
